राज्यसभा में राम मंदिर के मुद्दे पर मंगलवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान घोटाले का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बढ़ते शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी करनी पड़ी।

हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हमेशा से राम मंदिर के विरोध में रहे हैं और अब भी इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से देश और भगवान राम के प्रति कथित अपमान के लिए माफी मांगने की भी मांग की। यह उनके राजनीतिक आरोप हैं।
दूसरी ओर, मल्लिकार्जुन खरगे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर सवाल उठाए और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विपक्ष का कहना है कि दान से जुड़े आरोपों पर जवाब मिलना चाहिए, जबकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों का विरोध किया।
सदन में दोनों पक्षों के सांसद अपनी-अपनी सीटों से नारेबाजी करने लगे। हालात ऐसे हो गए कि सभापति को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन हंगामा नहीं थमा। आखिरकार लगातार शोर-शराबे के बीच कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राम मंदिर को लेकर छिड़ी इस बहस ने संसद के भीतर सियासी माहौल और गर्म कर दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं। एक ओर विपक्ष जांच की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार का कहना है कि संसद का समय इस तरह के आरोपों के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस विवाद पर और भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह मामला आगे किस दिशा में बढ़ता है और दोनों पक्ष इस पर क्या अगला कदम उठाते हैं।

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