मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद के बीच राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों को एकजुट करने की कवायद तेज कर दी है। INDIA गठबंधन चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। अब इस मुद्दे पर विपक्ष की अगली रणनीति को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

राहुल गांधी और विपक्षी दलों का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। विपक्ष का कहना है कि इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इस विवाद ने 12 अक्टूबर को उस वक्त नया मोड़ लिया, जब राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। मार्च में मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। हालांकि, प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट से करीब 600 मीटर पहले रोक दिया गया। बाद में गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
राहुल गांधी ने इससे पहले दावा किया था कि केंद्र सरकार के करीब 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से भी अपनी भूमिका स्पष्ट करने की अपील की थी। ये राहुल गांधी के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगाए गए विपक्ष के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
INDIA गठबंधन अब इस मुद्दे को केवल संसद या प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रखने के बजाय कानूनी और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ाना चाहता है। विपक्षी दलों के बीच इस बात पर जोर है कि मतदाता सूची की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित हो। हालांकि, गठबंधन की अगली बैठक में क्या फैसला होगा और आगे किस तरह का आंदोलन किया जाएगा, इसकी पूरी जानकारी सामने आना बाकी है।
फिलहाल राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों की सक्रियता ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा बता रहा है, जबकि आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा। अब देखना होगा कि INDIA गठबंधन की अगली रणनीति क्या होती है और इस विवाद का अगला पड़ाव सड़क होगा या अदालत।
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