नौकरी के लिए दिए थे 13 लाख, 6 साल से हाथ में नहीं आई सैलरी, बढ़ती गई परेशानी अब उठा लिया ऐसा कदम

कोझिकोड की 29 वर्षीय शिक्षिका अलीना बेनी ने 6 साल से वेतन न मिलने के कारण मानसिक तनाव में जान दे दी. 13 लाख रुपये देकर नौकरी पाई थी, लेकिन स्थायी नहीं हुई थी.

29 साल की एक टीचर, जिंदगी सिखाने वाली, खुद जिंदगी से हार गई. केरल के एक स्कूल की यह टीचर, जो कभी बच्चों को उज्जवल भविष्य के सपने दिखाती थी, खुद अंधेरों में घिर गई और जब कोई रास्ता नहीं दिखा, तो उसने वो कर दिया, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता—अपनी जान दे दी.

दरअसल, केरल के कोझिकोड में कई सालों से वेतन न मिलने के कारण मानसिक तनाव (Mental stress) में एक शिक्षिका ने अपनी जान दे दी. तामारसेरी कोडनचेरी सेंट जोसेफ एलपी स्कूल में अलीना बेनी टीचर थी.उस ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. तामारसेरी डायोसीस कॉर्पोरेट मैनेजमेंट के तहत कट्टिपारा होली फैमिली एलपी स्कूल (Kattipara Holy Family LP School) में 5 साल तक काम करने के बाद, अलीना पिछले एक साल से कोडनचेरी सेंट जोसेफ एलपी स्कूल में काम कर रही थीं.

बता दें कि अलीना के पिता कट्टिपारा वलवनानिकल और घर के अन्य सदस्य सुबह ही घर से बाहर चले गए थे. जब अलीना स्कूल नहीं पहुंचीं, तो प्रधानाध्यापक ने उनके पिता को फोन किया. इसके बाद की गई जांच में, दोपहर तीन बजे के करीब अलीना को फांसी पर लटका पाया गया.

स्कूल से कई बार अलीना से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ था. पिता ने बताया कि 13 लाख रुपये देकर कॉर्पोरेट मैनेजमेंट के तहत स्कूल में नौकरी पाई थी, लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी नौकरी स्थायी (Job Permanent) नहीं हुई थी. कट्टिपारा में काम करने के दौरान 5 साल के वेतन और अन्य लाभों को कॉर्पोरेट मैनेजर ने लिखित में मना कर दिया था. वेतन न मिलने और बकाया राशि न मिलने के कारण अलीना मानसिक रूप से टूट गई थीं.

सहकर्मी शिक्षकों की मदद से ही अलीना 25 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर स्कूल पहुंचती थीं और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करती थीं. अलीना के माता-पिता का पहले ही तलाक हो चुका था. शव को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज मोर्चरी में रखा गया है.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *