अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आ सकती है। रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अपने पीक स्तर से सोना करीब ₹34,000 तक सस्ता हो चुका है और आगे भी कीमतों में दबाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 में रिकॉर्ड हाई छूने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा हालात बने रहे, तो सोने की कीमतें जनवरी के उच्च स्तर से करीब 37% तक नीचे रह सकती हैं। हालांकि यह एक अनुमान है, कोई तय भविष्यवाणी नहीं।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के अनुसार, हाल के महीनों में केंद्रीय बैंकों की खरीद में कमी, गोल्ड ETF से निकासी और निवेशकों की बदलती रणनीति ने सोने की मांग पर असर डाला है। इन वजहों से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सोने की चाल पूरी तरह वैश्विक हालात पर निर्भर करेगी। अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, महंगाई तेज होती है या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोना फिर से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर मजबूत वापसी भी कर सकता है।
भारत में सोने की कीमतें सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार से ही नहीं, बल्कि डॉलर की चाल, रुपये की कीमत, आयात शुल्क और टैक्स जैसे कई कारकों से भी प्रभावित होती हैं। इसलिए वैश्विक बाजार में गिरावट का पूरा फायदा भारतीय ग्राहकों तक उसी अनुपात में पहुंचे, यह जरूरी नहीं है।
फिलहाल बाजार की नजर आने वाले आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक घटनाक्रम पर टिकी है। ऐसे में यदि आप निवेश या खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो बाजार की दिशा पर नजर रखना और जल्दबाजी में फैसला न लेना बेहतर माना जा रहा है।









