राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 30 वर्षीय देवेंद्र शर्मा की मौत के बाद उसके परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जामडोली इलाके में 11 अक्टूबर को देवेंद्र अपने कमरे में मृत मिला। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने ससुराल वालों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस से परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।

देवेंद्र की शादी करीब पांच महीने पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के महज चौथे दिन उसकी पत्नी मायके चली गई थी। मृतक के मामा के मुताबिक, देवेंद्र और उसके भाई अंशु की शादी दो बहनों से हुई थी और शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों की पत्नियां मायके लौट गई थीं। करीब 15 दिन बाद वे अपने परिवार के साथ ससुराल आईं और कथित तौर पर जेवर, कपड़े तथा अन्य सामान लेकर चली गईं।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद दोनों भाइयों पर दबाव बनाया जाने लगा और दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराने के साथ 10 लाख रुपये की मांग की गई। परिवार का दावा है कि लगातार विवाद और कथित ब्लैकमेलिंग के कारण देवेंद्र मानसिक तनाव में था। हालांकि, ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मृतक के मामा ने यह भी आरोप लगाया कि करीब 20 दिन पहले किशनगढ़-रेनवाल पुलिस ने समझौते के लिए दोनों भाइयों को थाने बुलाया था। परिवार का कहना है कि वहां एक सब-इंस्पेक्टर ने देवेंद्र पर दबाव डालकर बयान लिए और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। परिजनों ने दावा किया कि इन घटनाओं ने उसकी परेशानी बढ़ा दी थी। पुलिस की भूमिका और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
11 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे देवेंद्र की मां ने उसे आवाज दी, लेकिन कमरे से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बड़े भाई विशाल को फोन किया गया। विशाल अपनी पत्नी के साथ पहुंचा तो कमरे का दरवाजा बंद था। खिड़की से देखने पर देवेंद्र अंदर मिला। उसे कमरे से निकालकर एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाद में विशाल ने जामडोली थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
अब इस मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं—क्या देवेंद्र पर वास्तव में पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था, दहेज प्रताड़ना के मामले में क्या घटनाक्रम रहा और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है? इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है, ताकि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो सके और परिवार को न्याय मिल सके।








