भारत में अब तक 15 राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं। उन्होंने 25 जुलाई 2022 को पदभार संभाला था और वह भारत की पहली आदिवासी तथा दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। खास बात यह है कि देश के अलग-अलग राज्यों से राष्ट्रपति चुने गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा राष्ट्रपति देने के मामले में वह राज्य आगे है, जिसका नाम सुनकर शायद आपको हैरानी हो।

अगर आपको लगता है कि उत्तर प्रदेश या बिहार ने सबसे ज्यादा राष्ट्रपति दिए होंगे, तो ऐसा नहीं है। जन्मस्थान के आधार पर देखें तो तमिलनाडु इस मामले में सबसे आगे है। इस राज्य से अब तक तीन राष्ट्रपति बने हैं। इनमें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, आर. वेंकटरमन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शामिल हैं। राधाकृष्णन 1962 से 1967 तक, वेंकटरमन 1987 से 1992 तक और डॉ. कलाम 2002 से 2007 तक राष्ट्रपति रहे।
तमिलनाडु के बाद ओडिशा दूसरे स्थान पर है, जिसने देश को दो राष्ट्रपति दिए हैं। इनमें वी.वी. गिरि और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हैं। वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, पंजाब, मध्य प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना से एक-एक राष्ट्रपति बने हैं। यहां यह समझना जरूरी है कि यह वर्गीकरण राष्ट्रपतियों के जन्मस्थान के आधार पर किया गया है, न कि उस राज्य के आधार पर जहां उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन बिताया।
देश के राष्ट्रपतियों की पूरी सूची पर नजर डालें तो डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने और 1950 से 1962 तक इस पद पर रहे। इसके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन, वी.वी. गिरि, फखरुद्दीन अली अहमद, नीलम संजीव रेड्डी, ज्ञानी जैल सिंह, आर. वेंकटरमन, डॉ. शंकर दयाल शर्मा, के.आर. नारायणन, एपीजे अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी, रामनाथ कोविंद और द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बने।
इन राष्ट्रपतियों के नाम कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले और दो कार्यकाल पूरे करने वाले एकमात्र राष्ट्रपति हैं। डॉ. जाकिर हुसैन देश के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे। ज्ञानी जैल सिंह पहले सिख राष्ट्रपति बने, जबकि के.आर. नारायणन देश के पहले दलित राष्ट्रपति थे। प्रतिभा पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वैज्ञानिक पृष्ठभूमि से आने वाले राष्ट्रपति के रूप में बेहद लोकप्रिय रहे। वहीं द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं और स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति भी हैं।

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