Category: Crime

  • जज ने पूछा—पहले भी क्राइम किया है? साहिल बोला ‘नहीं’! मुस्कान-साहिल की सजा पर आज फैसला, सौरभ के परिवार ने कहा— फांसी से कम मंजूर नहीं

    जज ने पूछा—पहले भी क्राइम किया है? साहिल बोला ‘नहीं’! मुस्कान-साहिल की सजा पर आज फैसला, सौरभ के परिवार ने कहा— फांसी से कम मंजूर नहीं

    मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आज सजा का दिन है। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जा चुके मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर अदालत में सुनवाई शुरू हो गई है। 14 अक्टूबर को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों की पेशी हुई। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अदालत दोनों को फांसी की सजा सुनाती है या उम्रकैद का फैसला आता है।

    सुनवाई के दौरान जज ने साहिल से सीधा सवाल किया कि क्या उसने पहले भी कोई अपराध किया है? इस पर साहिल ने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से इनकार कर दिया। जब अदालत ने उसे सजा के संबंध में अपनी बात रखने का मौका दिया, तो उसने कुछ कहने से इनकार कर दिया। अब अदालत दोनों दोषियों को दोबारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़कर सजा सुनाने की प्रक्रिया पूरी करेगी।

    उधर, सौरभ राजपूत के परिवार की नजरें भी अदालत के फैसले पर टिकी हैं। सजा के ऐलान से पहले परिवार ने पूजा-पाठ किया और दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग दोहराई। सौरभ के भाई का कहना है कि जिस बेरहमी से उनके भाई की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाया गया, उसके लिए मृत्युदंड ही उचित सजा होगी। परिवार ने साफ कहा है कि अगर जिला अदालत से उनकी उम्मीद के मुताबिक फैसला नहीं आया, तो वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे।

    यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर उनके शव के टुकड़े नीले ड्रम में छिपा दिए गए थे। पुलिस जांच के बाद उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा पर अपनी दलील रखने के लिए उन्हें समय दिया गया था।

    इस केस की सुनवाई के दौरान 126 तारीखों पर कार्यवाही हुई और अभियोजन पक्ष ने 22 से अधिक गवाह पेश किए। पुलिस ने मामले में परिस्थितिजन्य और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की है, जबकि अदालत को सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता और बचाव पक्ष की दलीलों पर भी विचार करना होगा।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीले ड्रम कांड में मुस्कान और साहिल को फांसी होगी या उम्रकैद? सौरभ का परिवार फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जबकि अदालत सजा तय करने की प्रक्रिया में है। रिपोर्ट के मुताबिक, फैसला सुबह 11:30 बजे के बाद या लंच के बाद सुनाया जा सकता है। जैसे ही अदालत का अंतिम आदेश आएगा, इस चर्चित मामले में अगला बड़ा अपडेट सामने होगा।

  • शादी के चौथे दिन पत्नी मायके गई, फिर 10 लाख की मांग और दहेज केस का आरोप! सुसाइड नोट में युवक ने लिखी ऐसी बात कि पुलिस तक पहुंची गुहार

    शादी के चौथे दिन पत्नी मायके गई, फिर 10 लाख की मांग और दहेज केस का आरोप! सुसाइड नोट में युवक ने लिखी ऐसी बात कि पुलिस तक पहुंची गुहार

    राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 30 वर्षीय देवेंद्र शर्मा की मौत के बाद उसके परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जामडोली इलाके में 11 अक्टूबर को देवेंद्र अपने कमरे में मृत मिला। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने ससुराल वालों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस से परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।

    देवेंद्र की शादी करीब पांच महीने पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के महज चौथे दिन उसकी पत्नी मायके चली गई थी। मृतक के मामा के मुताबिक, देवेंद्र और उसके भाई अंशु की शादी दो बहनों से हुई थी और शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों की पत्नियां मायके लौट गई थीं। करीब 15 दिन बाद वे अपने परिवार के साथ ससुराल आईं और कथित तौर पर जेवर, कपड़े तथा अन्य सामान लेकर चली गईं।

    परिजनों का आरोप है कि इसके बाद दोनों भाइयों पर दबाव बनाया जाने लगा और दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराने के साथ 10 लाख रुपये की मांग की गई। परिवार का दावा है कि लगातार विवाद और कथित ब्लैकमेलिंग के कारण देवेंद्र मानसिक तनाव में था। हालांकि, ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मृतक के मामा ने यह भी आरोप लगाया कि करीब 20 दिन पहले किशनगढ़-रेनवाल पुलिस ने समझौते के लिए दोनों भाइयों को थाने बुलाया था। परिवार का कहना है कि वहां एक सब-इंस्पेक्टर ने देवेंद्र पर दबाव डालकर बयान लिए और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। परिजनों ने दावा किया कि इन घटनाओं ने उसकी परेशानी बढ़ा दी थी। पुलिस की भूमिका और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

    11 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे देवेंद्र की मां ने उसे आवाज दी, लेकिन कमरे से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बड़े भाई विशाल को फोन किया गया। विशाल अपनी पत्नी के साथ पहुंचा तो कमरे का दरवाजा बंद था। खिड़की से देखने पर देवेंद्र अंदर मिला। उसे कमरे से निकालकर एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाद में विशाल ने जामडोली थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    अब इस मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं—क्या देवेंद्र पर वास्तव में पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था, दहेज प्रताड़ना के मामले में क्या घटनाक्रम रहा और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है? इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है, ताकि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो सके और परिवार को न्याय मिल सके।

  • घर के काम पर डांटा तो बेटी की गर्दन ही तोड़ दी! फिर खुद ही गढ़ दी गैंगरेप की झूठी कहानी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी कातिल पिता की पोल

    घर के काम पर डांटा तो बेटी की गर्दन ही तोड़ दी! फिर खुद ही गढ़ दी गैंगरेप की झूठी कहानी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दी कातिल पिता की पोल

    झारखंड के गुमला से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। जिस पिता पर बेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी पर उसकी हत्या करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, चैतू उरांव उर्फ चैतू लकड़ा ने अपनी नाबालिग बेटी की हत्या करने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए सामूहिक दुष्कर्म की झूठी कहानी गढ़ी थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी कहानी पर सवाल खड़े कर दिए और जांच की दिशा ही बदल गई।

    मामला पालकोट थाना क्षेत्र के तपकारा गांव का है। पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर को आरोपी पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उसकी नाबालिग बेटी को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया और गंभीर हालत में घर के बाहर छोड़कर फरार हो गए। शिकायत गंभीर थी, इसलिए पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। उधर, लड़की की हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 सितंबर को उसकी मौत हो गई।

    लड़की की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT बनाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने पर कथित गैंगरेप की कहानी को समर्थन नहीं मिला। इसके बाद पुलिस का शक पिता पर गया। पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपने बयान बदलता रहा। पुलिस के मुताबिक, सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बेटी की हत्या करने और घटना को दूसरी दिशा देने के लिए झूठी कहानी बनाने की बात स्वीकार कर ली।

    जांच के मुताबिक, घटना 24 सितंबर की शाम की है। लड़की मवेशियों को लेकर खेत से घर लौटी थी। घर के काम को लेकर पिता ने उसे डांटा, जिस पर दोनों के बीच बहस हो गई। पुलिस का आरोप है कि इसी गुस्से में पिता ने बेटी की गर्दन जोर से दबा दी, जिससे उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई। गंभीर हालत में उसे पहले सिमडेगा, फिर गुमला और आखिर में रांची के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।

    पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए अज्ञात लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया और ग्रामीणों को भी यही कहानी बताई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने जांच को नया मोड़ दे दिया। पुलिस ने चैतू उरांव को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या तथा पुलिस को गुमराह करने से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की गई है।

    जिस बेटी की मौत पर आरोपी पिता दूसरों को जिम्मेदार ठहरा रहा था, पुलिस के मुताबिक उसी की हत्या के पीछे उसका हाथ निकला। घर के काम को लेकर शुरू हुआ विवाद एक नाबालिग की मौत तक पहुंच गया और उसके बाद मामले को छिपाने के लिए कथित तौर पर दूसरी कहानी बनाई गई। अब आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • पत्नी दूसरे के साथ भागी तो पति ने टावर पर चढ़कर मचा दिया बवाल! नीचे उतरने के लिए रखी ऐसी शर्त कि पुलिस के भी छूटे पसीने—‘पहले उसे बुलाओ!’

    पत्नी दूसरे के साथ भागी तो पति ने टावर पर चढ़कर मचा दिया बवाल! नीचे उतरने के लिए रखी ऐसी शर्त कि पुलिस के भी छूटे पसीने—‘पहले उसे बुलाओ!’

    उत्तराखंड के हरिद्वार में एक पति अपनी पत्नी से नाराज होकर ऐसा कदम उठा बैठा कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई। पत्नी के दूसरे युवक के साथ चले जाने की खबर मिली तो पति उसे तलाशते हुए हरिद्वार पहुंच गया। यहां शिवालिक नगर इलाके में वह मोबाइल टावर पर चढ़ गया और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। उसकी एक ही जिद थी—पहले पत्नी को मौके पर बुलाओ, तभी नीचे उतरूंगा।

    यह मामला हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र का है। युवक को टावर पर चढ़ा देखकर आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की। लेकिन युवक अपनी मांग पर अड़ा रहा। पुलिस के समझाने के बावजूद वह टावर से नीचे आने को तैयार नहीं हुआ, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

    रिपोर्ट के मुताबिक, युवक को पता चला था कि उसकी पत्नी उत्तर प्रदेश के किसी दूसरे युवक के साथ हरिद्वार आ गई है। इसी बात से परेशान होकर वह पत्नी की तलाश में यहां पहुंचा। पत्नी को सामने बुलाने की मांग को लेकर उसने टावर पर चढ़ने का फैसला किया। अब मामला सिर्फ पति-पत्नी के विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवक की सुरक्षा पुलिस के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक से बातचीत कर उसे नीचे आने के लिए मनाने की कोशिश की। अधिकारियों ने उसे समझाया कि टावर पर चढ़े रहना उसकी जान के लिए खतरनाक हो सकता है। लेकिन युवक ने साफ कर दिया कि जब तक उसकी पत्नी वहां नहीं आएगी, वह नीचे नहीं उतरेगा। उसकी इस जिद के चलते पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

    इस घटना में युवक की पहचान विशाल राम के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बनारस का रहने वाला बताया गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर पुलिस के साथ SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें भी पहुंचीं। अधिकारियों की प्राथमिकता उसे बिना किसी नुकसान के सुरक्षित नीचे उतारना है। पत्नी के पीलीभीत में होने की जानकारी भी सामने आई है।

    फिलहाल इस घटना ने शिवालिक नगर में लोगों का ध्यान खींच लिया है। पति-पत्नी के बीच आखिर क्या विवाद हुआ और दोनों के बीच सुलह की कोई संभावना है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन अपनी बात मनवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ जाना युवक के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। अब पुलिस की कोशिश यही है कि किसी अनहोनी के बिना उसे नीचे उतारा जाए।

  • पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची 15 साल की लड़की, जांच हुई तो उड़ गए डॉक्टरों के होश! मृत बच्चे को दिया जन्म, मजदूरी के दौरान दरिंदगी का आरोप

    पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची 15 साल की लड़की, जांच हुई तो उड़ गए डॉक्टरों के होश! मृत बच्चे को दिया जन्म, मजदूरी के दौरान दरिंदगी का आरोप

    उत्तर प्रदेश के बांदा से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया है। महज 15 साल की एक नाबालिग लड़की पेट दर्द की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। डॉक्टरों ने जब उसकी जांच की, तो पता चला कि वह गर्भवती है। इसके बाद प्रसव हुआ, लेकिन किशोरी ने एक मृत नवजात को जन्म दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

    यह मामला बांदा के पैलानी थाना क्षेत्र का है। रिपोर्ट के मुताबिक, किशोरी 8 अक्टूबर को सुबह करीब 3 बजे घर से बिना किसी को बताए निकल गई थी। उसी दिन जिला अस्पताल से उसके परिवार को सूचना मिली कि लड़की अस्पताल में भर्ती है और उसने मृत बच्चे को जन्म दिया है। परिवार के लिए यह खबर बेहद सदमे वाली थी। आखिर इतनी छोटी उम्र में लड़की के साथ ऐसा क्या हुआ था, इसकी जानकारी सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

    किशोरी के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ मोरंग ढुलाई के काम के दौरान युवक ने जबरन दुष्कर्म किया था। पिता के मुताबिक, आरोपी मंजू उर्फ बंटा भी बैलगाड़ी से मोरंग ढोने का काम करता था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पैलानी थाने में मुकदमा दर्ज किया। नाबालिग के साथ कथित अपराध और उसके बाद हुई इस दर्दनाक घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी मंजू उर्फ बंटा को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल किशोरी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। नवजात के शव को लेकर भी जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई है।

    बांदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने कहा है कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलवाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जल्द सुनवाई हो सके। पुलिस का कहना है कि नाबालिग के पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब जांच और अदालत की प्रक्रिया में यह तय होगा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर क्या निष्कर्ष निकलता है।

    जिस उम्र में बच्चों को स्कूल, पढ़ाई और अपने भविष्य के सपने देखने चाहिए, उस उम्र में एक नाबालिग को इस दर्दनाक स्थिति से गुजरना पड़ा। पेट दर्द की शिकायत से शुरू हुआ मामला अस्पताल में मृत नवजात के जन्म और फिर कथित दुष्कर्म के आरोप तक पहुंच गया। अब परिवार को न्याय की उम्मीद है और पुलिस का कहना है कि मामले को तेजी से अदालत तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

  • मामा के ₹40 लाख डकारने थे, इसलिए भांजे ने खुद ही बनवा डाली लूट की फिल्म! 11 लाख का बैग छिनने का किया नाटक, पुलिस ने पूछताछ की तो खुल गई पूरी पोल

    मामा के ₹40 लाख डकारने थे, इसलिए भांजे ने खुद ही बनवा डाली लूट की फिल्म! 11 लाख का बैग छिनने का किया नाटक, पुलिस ने पूछताछ की तो खुल गई पूरी पोल

    गुजरात के राजकोट में एक भांजे ने कर्ज से बचने के लिए ऐसा खेल रचा कि पहली नजर में पुलिस को भी मामला लूट का लगा। कहानी में मामा थे, ₹11 लाख से भरा बैग था और बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर आए कथित लुटेरे भी! लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि लूट की यह पूरी कहानी कथित तौर पर कर्ज चुकाने से बचने के लिए रची गई थी। मामले में भांजे समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, हरदेव सिंह झाला को अपने भांजे धीरेंद्र सिंह वाघेला से ₹40 लाख वापस लेने थे। बताया गया कि हरदेव सिंह ने सोने के गहने गिरवी रखकर यह रकम जुटाई थी और वाहन खरीदने-बेचने के कारोबार के लिए भांजे को दी थी। जब पैसे लौटाने का दबाव बढ़ा, तो धीरेंद्र सिंह ने मामा को ₹11 लाख देने के लिए बुलाया। इसके बाद दोनों बाइक से निकले और यहीं से कथित लूट की स्क्रिप्ट शुरू हुई।

    नानामवा रोड से सागर चौक की ओर जाते समय बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार दो लोग पीछे से आए। आरोप है कि उन्होंने हरदेव सिंह की बाइक को लात मारी और फिर वहां से भागने का नाटक किया। बाइक पर पीछे बैठे धीरेंद्र सिंह ने मामा से उनका पीछा करने को कहा। कुछ देर बाद उसने पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर फोन कर दावा किया कि ₹11 लाख से भरा बैग लूट लिया गया है। कहानी ऐसी बनाई गई मानो सड़क पर अचानक लुटेरों ने हमला कर दिया हो।

    लेकिन पुलिस को कहानी में कुछ गड़बड़ लगी। पूछताछ के दौरान धीरेंद्र सिंह के जवाबों में विसंगतियां मिलीं और पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी। सख्ती से पूछताछ करने पर कथित लूट की साजिश का खुलासा हुआ। जांच के मुताबिक, यह योजना करीब एक सप्ताह पहले बनाई गई थी, ताकि मामा को पैसे लौटाने से बचा जा सके।

    पुलिस के अनुसार, धीरेंद्र सिंह ने अपने दो परिचितों ध्रुवराज सिंह गोहिल और भावेश खुवा के साथ मिलकर यह कथित नाटक तैयार किया था। योजना के तहत बैग में बड़ी रकम होने का आभास पैदा किया गया और फिर उसे छीनकर भागने की कहानी बनाई गई। पुलिस ने तीनों के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने, कानून का दुरुपयोग करने और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया है।

    अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ₹40 लाख के कर्ज से बचने के लिए आखिर किसी ने कथित लूट की पूरी पटकथा क्यों रची? जिस घटना में शुरुआत में सड़क पर लुटेरों के हमले की बात कही गई, जांच में उसी पर सवाल खड़े हो गए। पुलिस के मुताबिक, भांजे की योजना ज्यादा देर तक नहीं चल पाई और पूछताछ में कथित साजिश सामने आ गई।

  • ‘दोस्ती कर लो, वरना फेल कर दूंगा!’ छात्राओं को पास कराने के नाम पर गंदी डिमांड का आरोप, जोधपुर में प्रोफेसर गिरफ्तार… पहले भी उठ चुका था बवाल

    ‘दोस्ती कर लो, वरना फेल कर दूंगा!’ छात्राओं को पास कराने के नाम पर गंदी डिमांड का आरोप, जोधपुर में प्रोफेसर गिरफ्तार… पहले भी उठ चुका था बवाल

    राजस्थान के जोधपुर स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा के मंदिर में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न, अश्लील व्यवहार और परीक्षा में फेल करने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी डॉ. अजीत चारण को गिरफ्तार कर लिया है।

    यह मामला राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज का है। पुलिस के मुताबिक, एक छात्रा की शिकायत पर करवड़ थाने में आरोपी के खिलाफ IT एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 1 जनवरी 2026 से आरोपी छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार करता रहा, अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया और उसका पीछा करके परेशान भी किया।

    छात्रा का आरोप है कि जब उसने कथित गलत व्यवहार का विरोध किया, तो उसे परीक्षा में फेल करने की धमकी दी गई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी अपने पद का दबाव बनाकर उसे परेशान करता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है, ताकि चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा सके।

    लेकिन इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ यह है कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ पहले भी छात्राओं ने शिकायतें की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्राओं ने पहले भी प्रदर्शन कर आरोप लगाया था कि परीक्षा में पास कराने के नाम पर उन पर अनुचित दबाव बनाया जाता है। छात्राओं ने सोशल मीडिया पर फॉलो करने, व्हाट्सऐप पर बातचीत करने और साथ घूमने के लिए दबाव डालने जैसे आरोप भी लगाए थे।

    पहले की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे बर्खास्त करने और जांच कमेटी गठित करने की बात कही थी। अब एक बार फिर मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि पहले की शिकायतों के बावजूद विवाद दोबारा कैसे सामने आया। हालांकि, सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके मोबाइल सहित दूसरे डिजिटल सबूतों की पड़ताल की जा रही है। जिस शिक्षक पर छात्राओं का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी होती है, उसी पर भविष्य बर्बाद करने की धमकी देने के आरोप लगना बेहद गंभीर मामला है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और छात्राओं की शिकायतों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

  • ध्रुव राठी को घर से उठाया, फिर पुलिसवालों पर ही जताया तरस! बोले- ‘मुझे उन पर दया आती है’, हिरासत में जो हुआ उसे सुनकर मचेगा बवाल

    ध्रुव राठी को घर से उठाया, फिर पुलिसवालों पर ही जताया तरस! बोले- ‘मुझे उन पर दया आती है’, हिरासत में जो हुआ उसे सुनकर मचेगा बवाल

    यूट्यूबर ध्रुव राठी ने हिरासत से रिहा होने के बाद गुरुग्राम पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। TV9 से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि पुलिस उन्हें घर से जबरन उठाकर ले गई और इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गई। राठी ने इस कार्रवाई को इमरजेंसी जैसे हालात बताते हुए पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग पक्ष भी सामने आया है।

    ध्रुव राठी के मुताबिक, सुबह जब वह अपने घर में सो रहे थे, तभी सादे कपड़ों में कई लोग उनके घर में घुस आए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके माता-पिता के साथ भी बदसलूकी हुई और उन्हें बिना ठीक से जानकारी दिए कमरे से बाहर खींचकर ले जाया गया। राठी का दावा है कि इस दौरान उन्हें चोटें भी आईं और उन्हें चप्पल तक पहनने का मौका नहीं दिया गया।

    राठी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें करीब 22 से 23 घंटे तक हिरासत में रखा गया। इस दौरान उनका फोन अपने पास नहीं था और उन्हें वकील से बात करने का मौका भी नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस को उनसे पूछताछ करनी थी, तो कानूनी प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया? इसी आधार पर उन्होंने अपनी हिरासत को गिरफ्तारी के बजाय किडनैपिंग बताया।

    यह पूरा मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाया जाना था। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने का हवाला देते हुए कार्रवाई की थी। ध्रुव राठी को भी इसी प्रदर्शन में शामिल होने से पहले गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था।

    रिहाई के बाद राठी ने भारतीय पासपोर्ट दिखाकर अपनी नागरिकता को लेकर फैल रही चर्चाओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह भारतीय नागरिक हैं और उन्हें भी देश के अन्य नागरिकों की तरह विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने का अधिकार है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई और किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं हुआ।

    अब इस मामले में दो बिल्कुल अलग दावे सामने हैं। ध्रुव राठी पुलिस पर जबरन उठाने और मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस कार्रवाई को नियमों के मुताबिक बता रही है। ऐसे में सबसे अहम सवाल यही है कि हिरासत के दौरान वास्तव में क्या हुआ और क्या पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप थी? इन सवालों का जवाब तथ्यों और आधिकारिक जांच से ही साफ हो सकेगा।

  • रिश्ते की 50 साल की ‘दादी’ से भागकर की शादी, फिर 4 गोलियां मारकर नवजोत का खेल खत्म! न्यूजीलैंड से आए 8 लाख रुपये और ढाई एकड़ जमीन का विवाद बना कत्ल की गुत्थी?

    रिश्ते की 50 साल की ‘दादी’ से भागकर की शादी, फिर 4 गोलियां मारकर नवजोत का खेल खत्म! न्यूजीलैंड से आए 8 लाख रुपये और ढाई एकड़ जमीन का विवाद बना कत्ल की गुत्थी?

    उत्तर प्रदेश के रामपुर में नवजोत सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 35 साल का नवजोत अपने वॉशिंग सेंटर पर बैठा था, तभी दो नकाबपोश हमलावर पहुंचे और उस पर ताबड़तोड़ चार गोलियां दाग दीं। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। लेकिन इस हत्याकांड के पीछे जो पारिवारिक कहानी सामने आई है, उसने मामले को और उलझा दिया है।

    नवजोत की जिंदगी पहले भी विवादों में घिर चुकी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी पहली पत्नी की शादी के कुछ समय बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद ससुराल पक्ष ने उसके खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया और उसे जेल जाना पड़ा। जेल से बाहर आने के बाद उसकी नजदीकियां गांव की एक 50 वर्षीय विधवा महिला से बढ़ीं, जो रिश्ते में उसकी दादी लगती थी।

    दोनों के रिश्ते की चर्चा गांव में होने लगी और फिर करीब एक साल पहले नवजोत उस महिला के साथ घर छोड़कर चला गया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली और रामपुर शहर में किराए के मकान में रहने लगे। लेकिन कहानी में पेंच तब आया, जब महिला के बेटों को इस रिश्ते और पैसों-संपत्ति से जुड़े विवाद की जानकारी मिली।

    बताया जा रहा है कि महिला के दो बेटे न्यूजीलैंड में रहते हैं। उन्होंने अपनी मां के खाते में नई गाड़ी खरीदने के लिए करीब 8 लाख रुपये भेजे थे। इसके अलावा महिला के नाम पर ढाई एकड़ जमीन भी थी। परिवार के आरोपों के मुताबिक, मां के नवजोत के साथ चले जाने और पैसे-जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया। करीब दो महीने पहले गांव में पंचायत भी हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई।

    अब इसी पुराने विवाद को नवजोत की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। परिजनों ने महिला के बेटों पर हत्या की साजिश रचने का शक जताया है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस आरोप की पुष्टि नहीं की है और न ही हत्या के पीछे की वजह आधिकारिक रूप से तय हुई है। पुलिस आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि नवजोत पर गोलियां चलवाने के पीछे असली वजह क्या थी—पारिवारिक रंजिश, जमीन-पैसे का विवाद या कोई और कारण? न्यूजीलैंड में रहने वाले बेटों पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। रिश्तों की उलझन से शुरू हुई यह कहानी अब एक सनसनीखेज हत्याकांड में बदल चुकी है, लेकिन कत्ल किसने और क्यों कराया, इसका जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • भोलेनाथ के मंदिर में पहुंचा हैवान! पूजा कर रही मासूम को बनाया निशाना, CCTV खुला तो मेट्रो कर्मचारी की करतूत आई सामने!

    भोलेनाथ के मंदिर में पहुंचा हैवान! पूजा कर रही मासूम को बनाया निशाना, CCTV खुला तो मेट्रो कर्मचारी की करतूत आई सामने!

    महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ के निगड़ी इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने धार्मिक स्थलों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां शिव मंदिर में पूजा करने पहुंची एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की कोशिश की गई। आरोप मेट्रो निर्माण कार्य में लगे एक कर्मचारी पर लगा है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और पूजा करने गई थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और उसके साथ कथित तौर पर गलत हरकत करने लगा। मंदिर जैसे स्थान पर हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को नाराज कर दिया। जिस जगह लोग श्रद्धा के साथ सिर झुकाने आते हैं, वहां ऐसी हरकत का आरोप लगना ही लोगों के गुस्से की वजह बन गया।

    इस पूरे घटनाक्रम की एक अहम बात यह है कि मंदिर परिसर में CCTV कैमरे लगे हुए थे। बताया जा रहा है कि कैमरों में घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में लड़की पूजा करती दिखाई देती है और इसी दौरान आरोपी उसके पास आता नजर आता है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और CCTV फुटेज को भी अहम सबूत माना जा रहा है।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद निगड़ी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी को हिरासत में ले लिया। आरोपी मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले में संबंधित कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत में आरोप साबित होने तक आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया जा सकता।

    घटना सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। लोगों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। साथ ही, मेट्रो निर्माण स्थलों पर काम करने वाले कर्मचारियों के सत्यापन और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। CCTV फुटेज, आरोपी से पूछताछ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि मंदिर हो या कोई दूसरा सार्वजनिक स्थान, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।