Category: Crime

  • नई नवेली दुल्हन, शादी के बाद एकदम खुश था पति, फिर 20 दिन बाद दुल्हन ने कर दिया कांड, पति के परिवार में मचा हड़कंप

    नई नवेली दुल्हन, शादी के बाद एकदम खुश था पति, फिर 20 दिन बाद दुल्हन ने कर दिया कांड, पति के परिवार में मचा हड़कंप

    अलीगढ़ में शादी के महज 20 दिन बाद एक नवविवाहिता के प्रेमी के साथ फरार होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि घर से निकलते समय वह अपने साथ सोने-चांदी के आभूषण और नकदी भी ले गई। घटना के बाद ससुराल पक्ष में हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बावजूद जब महिला का कोई पता नहीं चला तो मामले की शिकायत पुलिस से की गई।

    बताया जा रहा है कि युवती की शादी हाल ही में हुई थी और परिवार में सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन शादी के करीब तीन सप्ताह बाद अचानक वह घर से लापता हो गई। परिजनों को जब घर में रखे आभूषण और नकदी भी नहीं मिले तो उन्हें शक हुआ कि वह किसी के साथ चली गई है। परिवार की ओर से तलाश शुरू की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया गया।

    परिवार का आरोप है कि नवविवाहिता अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर गई है और जाते समय वह घर से जेवर व नकदी भी लेकर गई। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब पुलिस महिला की तलाश के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह किसके साथ और किन परिस्थितियों में घर से गई।

    घटना सामने आने के बाद इलाके में भी इसकी चर्चा हो रही है। शादी के महज 20 दिन बाद दुल्हन के इस तरह घर से चले जाने और साथ में कीमती सामान ले जाने की बात ने परिवार को परेशान कर दिया है। पुलिस मामले में उपलब्ध जानकारी और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवविवाहिता के घर छोड़ने की वास्तविक वजह क्या थी और वह किसके साथ गई है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के साथ मामले में नामजद लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। मामले में महिला के बरामद होने के बाद उसके बयान के आधार पर आगे की तस्वीर और साफ होगी।

  • न यूपी, न बिहार… इस राज्य ने दिए हैं भारत को सबसे ज्यादा राष्ट्रपति, लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे

    न यूपी, न बिहार… इस राज्य ने दिए हैं भारत को सबसे ज्यादा राष्ट्रपति, लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे

    भारत में अब तक 15 राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं। उन्होंने 25 जुलाई 2022 को पदभार संभाला था और वह भारत की पहली आदिवासी तथा दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। खास बात यह है कि देश के अलग-अलग राज्यों से राष्ट्रपति चुने गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा राष्ट्रपति देने के मामले में वह राज्य आगे है, जिसका नाम सुनकर शायद आपको हैरानी हो।

    अगर आपको लगता है कि उत्तर प्रदेश या बिहार ने सबसे ज्यादा राष्ट्रपति दिए होंगे, तो ऐसा नहीं है। जन्मस्थान के आधार पर देखें तो तमिलनाडु इस मामले में सबसे आगे है। इस राज्य से अब तक तीन राष्ट्रपति बने हैं। इनमें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, आर. वेंकटरमन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शामिल हैं। राधाकृष्णन 1962 से 1967 तक, वेंकटरमन 1987 से 1992 तक और डॉ. कलाम 2002 से 2007 तक राष्ट्रपति रहे।

    तमिलनाडु के बाद ओडिशा दूसरे स्थान पर है, जिसने देश को दो राष्ट्रपति दिए हैं। इनमें वी.वी. गिरि और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हैं। वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, पंजाब, मध्य प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना से एक-एक राष्ट्रपति बने हैं। यहां यह समझना जरूरी है कि यह वर्गीकरण राष्ट्रपतियों के जन्मस्थान के आधार पर किया गया है, न कि उस राज्य के आधार पर जहां उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन बिताया।

    देश के राष्ट्रपतियों की पूरी सूची पर नजर डालें तो डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने और 1950 से 1962 तक इस पद पर रहे। इसके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन, वी.वी. गिरि, फखरुद्दीन अली अहमद, नीलम संजीव रेड्डी, ज्ञानी जैल सिंह, आर. वेंकटरमन, डॉ. शंकर दयाल शर्मा, के.आर. नारायणन, एपीजे अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी, रामनाथ कोविंद और द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बने।

    इन राष्ट्रपतियों के नाम कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले और दो कार्यकाल पूरे करने वाले एकमात्र राष्ट्रपति हैं। डॉ. जाकिर हुसैन देश के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे। ज्ञानी जैल सिंह पहले सिख राष्ट्रपति बने, जबकि के.आर. नारायणन देश के पहले दलित राष्ट्रपति थे। प्रतिभा पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वैज्ञानिक पृष्ठभूमि से आने वाले राष्ट्रपति के रूप में बेहद लोकप्रिय रहे। वहीं द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं और स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति भी हैं।

  • अमरनाथ यात्रा के काफिले से ठीक पहले नाका तोड़कर भागी स्कॉर्पियो, पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश! 3 राउंड फायरिंग के बाद भी नहीं रुकी गाड़ी

    जम्मू-कश्मीर के रामबन में अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा इंतजामों के बीच एक स्कॉर्पियो के नाका तोड़कर फरार होने से हड़कंप मच गया। घटना चंद्रकोट इलाके में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हुई, जहां सुरक्षा कर्मियों ने वाहन को रुकने का इशारा किया था। आरोप है कि चालक ने रुकने के बजाय गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और नाके को तोड़ते हुए आगे निकल गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है। चूंकि इसी हाईवे से अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के काफिले गुजर रहे हैं, इसलिए घटना को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के तौर पर देखा गया।

    पुलिस के मुताबिक, स्कॉर्पियो श्रीनगर से जम्मू की तरफ जा रही थी। चंद्रकोट के सुरक्षा नाके पर जवानों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक ने कथित तौर पर गाड़ी नहीं रोकी और नाशरी की तरफ तेजी से भागने लगा। उसे रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों ने 3 राउंड फायरिंग भी की, लेकिन इसके बावजूद वाहन मौके से निकल गया। घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, CRPF और सेना ने मिलकर हाईवे और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

    कुछ देर बाद सुरक्षा एजेंसियों को स्कॉर्पियो दलवास लिंक रोड पर मिली और वाहन को जब्त कर लिया गया। गाड़ी चला रहे व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक स्कॉर्पियो पर जम्मू-कश्मीर का रजिस्ट्रेशन नंबर था। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि चालक ने आखिर सुरक्षा नाके पर रुकने से क्यों इनकार किया और क्या उसका कोई आपराधिक या आतंकी कनेक्शन है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां वाहन और चालक से जुड़ी तमाम जानकारियों की जांच कर रही हैं।

    इस घटना ने इसलिए ज्यादा चिंता बढ़ाई क्योंकि जम्मू-श्रीनगर हाईवे इस समय अमरनाथ यात्रा के लिए बेहद अहम सुरक्षा रूट है। यात्रा के दौरान इस पूरे मार्ग पर पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और वाहनों की लगातार निगरानी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा का काफिला इसी हाईवे से होकर गुजरता है और चंद्रकोट में भी तीर्थयात्रियों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा का खास इंतजाम रहता है। ऐसे में एक संदिग्ध वाहन का सुरक्षा नाका तोड़कर निकल जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर मामला बन गया है।

    फिलहाल चालक को पकड़ लिया गया है और स्कॉर्पियो जब्त कर ली गई है, लेकिन जांच का सबसे अहम हिस्सा अभी बाकी है—आखिर उसने नाके पर गाड़ी क्यों नहीं रोकी? क्या यह महज पुलिस से बचने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई और वजह थी? सुरक्षा एजेंसियां इसी एंगल से पूछताछ और जांच आगे बढ़ा रही हैं। अभी किसी आतंकी एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल घटना को सुरक्षा नाका तोड़कर फरार होने की गंभीर घटना के तौर पर ही देखा जा रहा है।