भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान को लेकर एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इस मिशन के लिए बेहद अहम माने जाने वाले दूसरे इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट यानी IADT-02 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस टेस्ट के बाद अब गगनयान मिशन को लेकर देश की उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं।

यह टेस्ट श्रीहरिकोटा स्थित Indian Space Research Organisation के सतीश धवन स्पेस सेंटर में किया गया। इस दौरान उस सिस्टम को परखा गया, जो अंतरिक्ष से लौटते समय अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित धरती पर उतारने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।
दरअसल, गगनयान मिशन में जब अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर वापस लौटेंगे, तब कैप्सूल को सुरक्षित नीचे लाने के लिए पैराशूट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। IADT-02 टेस्ट में इसी पैराशूट आधारित डीसलेरेशन सिस्टम को जांचा गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी स्थिति में क्रू मॉड्यूल सुरक्षित तरीके से लैंड कर सके।
इस टेस्ट की सबसे खास बात यह रही कि इसमें कैप्सूल के सुरक्षित लौटने की पूरी प्रक्रिया को दोबारा परखा गया। इससे पहले भी पहला एयर ड्रॉप टेस्ट सफल रहा था, लेकिन दूसरे टेस्ट के सफल होने के बाद अब मिशन की तैयारी और ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।
गगनयान भारत का पहला स्वदेशी मानव अंतरिक्ष मिशन है। इसके तहत 3 अंतरिक्ष यात्रियों को करीब 400 किलोमीटर ऊंचाई पर पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा और कुछ दिनों बाद उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाएगा। अगर यह मिशन सफल रहता है तो भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद अपने दम पर इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।