दिल्ली के एक पुराने इलाके में एक ऐसा मकान था, जिसे देखकर कोई भी अंदाजा नहीं लगा सकता था कि अंदर क्या चल रहा है। बाहर सबकुछ बिल्कुल सामान्य दिख रहा था, लेकिन उस घर के अंदर एक ऐसा राज छिपा था, जिसने पुलिस तक को हैरान कर दिया।

कई दिनों से इस जगह को लेकर कुछ अजीब सूचनाएं मिल रही थीं। लोगों का आना-जाना लगातार बना रहता था, लेकिन कोई खुलकर कुछ कह नहीं पा रहा था। धीरे-धीरे शक बढ़ता गया और फिर पुलिस ने वहां पहुंचने का फैसला किया।जैसे ही टीम ने घर के अंदर कदम रखा, माहौल अचानक बदल गया। कुछ लोग घबराए हुए दिखे, कुछ इधर-उधर भागने लगे। पहली नजर में सब सामान्य लग रहा था, लेकिन पुलिस को यकीन था कि असली खेल अभी सामने आना बाकी है।
तलाशी शुरू हुई तो कमरे, दरवाजे और सामान एक-एक कर चेक किए जाने लगे। तभी पुलिस की नजर एक बड़ी अलमारी पर पड़ी। शुरुआत में वह सिर्फ एक आम अलमारी लग रही थी, लेकिन जब उसे हटाया गया तो उसके पीछे छिपा था एक गुप्त कमरा।
उस कमरे का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। वहां कई लड़कियों को छिपाकर रखा गया था। इनमें एक नाबालिग लड़की भी शामिल थी। कुल 8 लड़कियों को वहां से बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि कुछ लड़कियां नेपाल की रहने वाली हैं।
जांच में सामने आया कि इन लड़कियों को नौकरी, अच्छे पैसे और बेहतर जिंदगी का सपना दिखाकर यहां लाया गया था। लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई और उन्हें जबरदस्ती इस धंधे में धकेल दिया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि यही लोग इस पूरे रैकेट को चला रहे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस नेटवर्क की जड़ें कहां तक फैली हुई हैं।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह सिर्फ एक घर तक सीमित मामला नहीं है। हो सकता है कि इसके तार दूसरे राज्यों और दूसरे शहरों तक जुड़े हों। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और कई दूसरे दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया जा सके।