यूपी बोर्ड का रिजल्ट अभी आया भी नहीं है, लेकिन उससे पहले ही कई बच्चों और उनके परिवारों के फोन पर ऐसे कॉल आने लगे हैं, जिन्होंने सबको डराकर रख दिया है। फोन करने वाले खुद को बोर्ड का अधिकारी बताते हैं और फिर ऐसी बात बोलते हैं, जिसे सुनते ही बच्चे घबरा जाते हैं।

कई छात्रों को कॉल करके कहा जा रहा है कि वे परीक्षा में फेल हो गए हैं। कुछ को बताया गया कि किसी विषय में बहुत कम नंबर आए हैं, जबकि कुछ को यह कहकर डराया गया कि उनका रिजल्ट खराब होने वाला है। इसके बाद वही लोग बच्चों और अभिभावकों को एक रास्ता भी बताते हैं।
फोन करने वाले दावा करते हैं कि अगर पैसे दे दिए जाएं तो नंबर बढ़वा दिए जाएंगे और रिजल्ट भी ठीक करवा दिया जाएगा। कई मामलों में बच्चों के नाम, रोल नंबर और विषयों की जानकारी तक बताई जा रही है, ताकि सामने वाला आसानी से भरोसा कर ले। फिर उनसे हजारों रुपये मांगे जाते हैं और QR कोड भेजकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है।
अमेठी में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। एक छात्र को कहा गया कि बायोलॉजी में सिर्फ 19 नंबर आए हैं और अगर वह पैसे नहीं देगा तो फेल हो जाएगा। पहले उससे 10 हजार रुपये मांगे गए, बाद में रकम घटाकर 5 हजार रुपये कर दी गई। एक दूसरे छात्र को कहा गया कि वह तीन विषयों में फेल हो गया है और पास कराने के लिए 15 हजार रुपये देने होंगे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन ठगों के पास बच्चों की निजी जानकारी भी पहुंच रही है। इसी वजह से परिवार डर जा रहे हैं और कई लोग इनकी बातों पर भरोसा भी कर लेते हैं। अधिकारियों को शक है कि कहीं न कहीं से छात्रों का डेटा लीक हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है।
यूपी बोर्ड ने साफ कहा है कि बोर्ड कभी भी छात्रों को व्यक्तिगत रूप से फोन नहीं करता और न ही नंबर बढ़ाने के बदले पैसे मांगता है। छात्रों और अभिभावकों से कहा गया है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी, रोल नंबर या बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
अगर किसी को ऐसा कॉल आए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने या जिला विद्यालय निरीक्षक को जानकारी देने की सलाह दी गई है। यूपी बोर्ड और पुलिस ने कहा है कि ऐसे साइबर ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।