अगर कोई कहे कि एक AI चैटबॉट की मदद से अदालत में केस जीता जा सकता है, तो शायद यकीन करना मुश्किल हो। लेकिन ब्रिटेन में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने महंगे वकीलों की बजाय ChatGPT का सहारा लिया और आखिरकार कोर्ट से अपने पक्ष में फैसला हासिल कर लिया।

यह मामला ब्रिटेन के 40 वर्षीय फायरफाइटर क्रेग टिटचेनर का है। कुछ साल पहले उन्होंने स्क्रैच कार्ड लॉटरी में करोड़ों रुपये जीते थे। साल 2022 में उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड हीदर डगलस को लगभग 52 लाख रुपये दिए थे। दोनों के बीच समझौता था कि इस रकम से निवेश किया जाएगा और भविष्य में होने वाले मुनाफे को बराबर-बराबर बांटा जाएगा।
हालांकि, कुछ समय बाद दोनों का रिश्ता खत्म हो गया। इसके बाद क्रेग ने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन हीदर ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह रकम उन्हें गिफ्ट के तौर पर दी गई थी।
क्रेग ने कई वकीलों से सलाह ली, लेकिन उनकी फीस इतनी ज्यादा थी कि केस लड़ना मुश्किल लगने लगा। ऐसे में उन्होंने ChatGPT की मदद ली। AI ने उन्हें अदालत की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, फॉर्म भरने का तरीका और बिना वकील के अपना पक्ष कैसे रखा जाए, इसकी जानकारी आसान भाषा में समझाई। हालांकि, ChatGPT ने कानूनी प्रतिनिधि की तरह सलाह नहीं दी, बल्कि प्रक्रिया को समझने में मदद की।
पूरी तैयारी के साथ क्रेग ने खुद कोर्ट में अपनी पैरवी की। सुनवाई के दौरान हीदर अपने इस दावे को साबित नहीं कर सकीं कि 52 लाख रुपये उन्हें उपहार में दिए गए थे। अदालत ने उपलब्ध सबूतों की जांच के बाद फैसला क्रेग के पक्ष में सुनाया और हीदर को पूरी रकम लौटाने का आदेश दिया।
फैसले के बाद क्रेग ने कहा कि अगर उन्होंने ChatGPT की मदद से कानूनी प्रक्रिया को नहीं समझा होता, तो शायद वह कभी अपना पैसा वापस नहीं पा सकते थे। यह मामला दिखाता है कि AI सही जानकारी और तैयारी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, लेकिन अदालत में अंतिम फैसला हमेशा सबूतों और कानून के आधार पर ही होता है।

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