क्या अब FREE नहीं रहेगा UPI? सरकार के बड़े कदम से मची हलचल… Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स जरूर पढ़ें

Written by

in

देश में करोड़ों लोग रोजाना UPI के जरिए पेमेंट करते हैं, लेकिन अब इस व्यवस्था को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। संसद में पेश किए गए एक नए विधेयक के बाद ऐसी संभावना बनी है कि भविष्य में कुछ UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि फिलहाल किसी भी तरह का चार्ज लागू नहीं किया गया है।

मौजूदा नियमों के तहत जनवरी 2020 से UPI ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR लागू है। यानी दुकानदारों से भी कोई MDR नहीं लिया जाता। लेकिन नए संशोधन प्रस्ताव में उस कानूनी व्यवस्था को बदलने का प्रावधान किया गया है, जिससे सरकार भविष्य में अधिसूचना जारी कर चुनिंदा डिजिटल भुगतान माध्यमों पर MDR लागू कर सके।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विचार यह है कि यदि MDR लागू किया जाता है, तो यह बड़े कारोबारियों और बड़ी राशि वाले UPI ट्रांजैक्शन तक सीमित रह सकता है। आम उपभोक्ताओं, छोटे दुकानदारों और व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI ट्रांसफर पर कोई शुल्क लगाने का प्रस्ताव फिलहाल सामने नहीं आया है। अंतिम फैसला सरकार की अधिसूचना के बाद ही होगा।

डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री लंबे समय से कह रही है कि बिना MDR के UPI सिस्टम को चलाना और उसका विस्तार करना आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा है। बैंकों और पेमेंट कंपनियों का तर्क है कि साइबर सुरक्षा, सर्वर और तकनीकी ढांचे पर लगातार बढ़ते खर्च को देखते हुए एक टिकाऊ राजस्व मॉडल जरूरी है।

अगर भविष्य में यह प्रस्ताव लागू होता है, तो Paytm, PhonePe, Google Pay जैसे प्लेटफॉर्म पर पेमेंट करने वाले ग्राहकों से सीधे चार्ज लेने की बात नहीं है। MDR आमतौर पर व्यापारी (Merchant) द्वारा भुगतान किया जाने वाला शुल्क होता है। हालांकि व्यापारी आगे चलकर इसकी भरपाई कैसे करते हैं, यह अलग विषय हो सकता है।

फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि UPI पर कोई नया चार्ज अभी लागू नहीं हुआ है। संसद में पेश किया गया यह केवल कानूनी बदलाव का प्रस्ताव है, जिससे भविष्य में सरकार जरूरत पड़ने पर MDR लागू कर सके। अब सभी की नजर इस पर है कि संसद में विधेयक और उसके बाद सरकार की अधिसूचना में अंतिम फैसला क्या होता है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *