पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने आरोप लगाया कि जून से अब तक वहां जारी कार्रवाई में कम से कम 90 आम नागरिकों की जान जा चुकी है। भारत ने कहा कि लोगों की आवाज दबाने के लिए गोलियों, ब्लैकआउट, डराने-धमकाने और दमन का सहारा लिया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि PoK में कराया गया यह चुनाव “पूरी तरह मजाक” है और इससे वहां की वास्तविक स्थिति नहीं छिपाई जा सकती। उनके अनुसार, जमीनी हकीकत चुनाव नहीं, बल्कि जनता का विरोध और सुरक्षा बलों की कार्रवाई है।
भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जनता के असंतोष का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देने के बजाय बल प्रयोग से दे रहा है। MEA का कहना है कि वहां विरोध करने वालों पर गोलियां चलाई जा रही हैं, संचार सेवाएं बाधित की जा रही हैं और लोगों को डराकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। ये भारत सरकार के आधिकारिक आरोप हैं।
विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह PoK में आम नागरिकों के खिलाफ कथित अत्याचारों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए। भारत का कहना है कि मानवाधिकारों पर पाकिस्तान के दावे और जमीनी हालात एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
रिपोर्टों के मुताबिक, PoK में पिछले कुछ समय से महंगाई, प्रशासनिक नीतियों और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर कई मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है।
फिलहाल PoK का मुद्दा एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी बयानबाजी का कारण बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और वहां की स्थिति को लेकर आगे क्या घटनाक्रम सामने आता है।

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