रामपुर SP का गोकशी पर ऐसा बयान हुआ वायरल कि मचा बवाल! बोले- ‘सच्चा मुसलमान ऐसा नहीं कर सकता’, फिर दी सफाई

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उत्तर प्रदेश के रामपुर के एसपी अनिल कुमार सिंह सिसोदिया का गोकशी को लेकर दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में एसपी कथित तौर पर गोकशी करने वालों को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि “सच्चा मुसलमान गोकशी नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसा करते हैं, वे या तो मुसलमान नहीं हैं या फिर बहुत गलत काम कर रहे हैं। एसपी के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

दरअसल, यह बयान सावन के महीने में गोकशी और गो-तस्करी के मामलों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हो सकती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस्लाम में ऐसे जानवर को मारना या उसका मांस खाना, जिससे किसी दूसरे धर्म की धार्मिक भावनाएं आहत हों, गलत माना गया है। इसी संदर्भ में उन्होंने मुस्लिम धर्मगुरुओं से भी अपील की कि वे युवाओं को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने के लिए समझाएं, जिससे इलाके में तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो।

वीडियो वायरल होने के बाद एसपी के बयान पर विवाद और तेज हो गया। आलोचकों ने पुलिस अधिकारी की भाषा और टिप्पणी को लेकर सवाल उठाए और कहा कि कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारी को किसी समुदाय को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वहीं, मामले पर सफाई देते हुए रामपुर पुलिस की ओर से कहा गया कि एसपी का उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करना था। पुलिस के मुताबिक, एसपी ने अपने बयान में दारुल उलूम देवबंद की ओर से समय-समय पर कही गई बातों का भी हवाला दिया था।

एसपी सिसोदिया ने बाद में यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनका बयान एक पत्रकार के सवाल के जवाब में दिया गया था और उनकी मंशा भाईचारा, शांति और धार्मिक सौहार्द बनाए रखना थी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं था। रामपुर पुलिस की ओर से जारी स्पष्टीकरण में भी इसी बात पर जोर दिया गया कि सावन के दौरान संवेदनशील माहौल को देखते हुए सभी समुदायों से एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और शांति बनाए रखने की अपील की गई थी।

रामपुर में इससे पहले भी गोकशी और गो-तस्करी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई होती रही है। जुलाई में पुलिस ने सैफनी इलाके में कथित गोकशी गिरोह का पर्दाफाश करने और कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। अब एसपी का बयान सामने आने के बाद मामला सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके बयान की भाषा और उसके राजनीतिक-सामाजिक असर को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल वायरल वीडियो और उसके बाद आई सफाई के बीच सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि गोकशी के खिलाफ कार्रवाई और कानून का पालन अपनी जगह है, लेकिन पुलिस अधिकारी के बयान ने एक अलग विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।

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