मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुना दी है। मर्चेंट नेवी से जुड़े रहे सौरभ राजपूत की हत्या ने मार्च 2025 में पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। पत्नी और उसके प्रेमी पर सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े करने और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाने का आरोप साबित होने के बाद अब दोनों को मृत्युदंड मिला है। करीब 13 महीने चली सुनवाई, 126 पेशियों और 22 गवाहों के बाद 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने अपना फैसला सुना दिया।

इस कहानी की शुरुआत साल 2016 में हुई थी, जब सौरभ और मुस्कान ने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की थी। बाद में दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। साल 2019 में उनकी बेटी का जन्म हुआ। सौरभ पहले मर्चेंट नेवी में काम करते थे और बाद में लंदन में नौकरी करने लगे। परिवार के लिए सब कुछ सामान्य दिखाई देता था, लेकिन आगे चलकर यही रिश्ता एक ऐसे हत्याकांड में बदल गया, जिसकी चर्चा देशभर में होने लगी।
24 फरवरी 2025 को सौरभ लंदन से मेरठ लौटे थे। 25 फरवरी को मुस्कान का जन्मदिन और 28 फरवरी को बेटी का जन्मदिन मनाया गया। लेकिन अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 3 मार्च को सौरभ की हत्या कर दी गई। आरोप था कि मुस्कान ने उन्हें नशीली दवा दी और फिर साहिल को बुलाया गया। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर चाकू से हमला किया। हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखकर सीमेंट से ढक दिया गया, ताकि किसी को शक न हो।
हत्या के अगले दिन, 4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश चली गई। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान सौरभ के फोन से परिवार को संदेश भेजे गए, जिससे उनकी गैरमौजूदगी पर तुरंत शक नहीं हुआ। जब परिवार को सौरभ से संपर्क नहीं हो पाया और हालात संदिग्ध लगे, तो मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। 17 मार्च 2025 को पुलिस ने घर में रखे नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद किए। इस खुलासे ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया।
18 मार्च को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने जांच के बाद 12 मई 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य तथा फॉरेंसिक सबूत पेश किए। करीब 13 महीने की सुनवाई और 126 पेशियों के बाद 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोनों को हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी करार दिया। इसके बाद सजा पर अंतिम बहस हुई और अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की।
14 अक्टूबर 2026 को मेरठ की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुना दी। फैसले के दौरान जज ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि ‘दंड भी धर्म है’। सौरभ के परिवार ने दोनों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी और फैसले के बाद उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जताई। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद भी कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रह सकती है। नीले ड्रम से शुरू हुई इस कहानी में अब अदालत का फैसला आ चुका है, लेकिन आगे की अपील और न्यायिक प्रक्रिया पर भी सबकी नजर रहेगी।
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