शारदीय नवरात्रि की सप्तमी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना के साथ कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अधर्म, अत्याचार और आतंक का अंत ही न्याय और निर्भय समाज की स्थापना का आधार है। मां कालरात्रि के उग्र स्वरूप का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बुराई के खिलाफ संघर्ष और अन्याय के अंत का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि मां कालरात्रि का दिव्य स्वरूप दुष्टों और आसुरी शक्तियों के विनाश का प्रतीक है। उन्होंने इस धार्मिक संदेश को न्याय, शांति और सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि समाज में भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए अत्याचार और अपराध के खिलाफ सख्त रुख जरूरी है। उनके संदेश का केंद्र कानून का शासन और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई रहा।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को भी रेखांकित किया। उनका कहना है कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक के कारण भय और अराजकता का माहौल था। मौजूदा सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके इस स्थिति को बदलने का प्रयास किया है। हालांकि, सरकार के इन दावों का आकलन करने के लिए अपराध के आंकड़ों और स्वतंत्र रिपोर्टों को भी देखना जरूरी है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था और महिलाओं की भागीदारी में हुए बदलावों को प्रमुखता से रखा। सरकार के मुताबिक, मिशन शक्ति जैसे अभियानों, तकनीक आधारित निगरानी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। योगी पहले भी दावा कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश अब महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण की नई पहचान बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, आरक्षण के प्रावधानों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। इसके अलावा, महिला पीएसी की बटालियनों के गठन को भी महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाने की पहल के रूप में पेश किया गया है। सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से महिलाओं को सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे।
नवरात्रि के मौके पर योगी आदित्यनाथ का यह संदेश धार्मिक आस्था के साथ सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी प्राथमिकताओं को भी सामने लाता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अपराध, अत्याचार और अराजकता के खिलाफ सख्ती जरूरी है, जबकि महिला सुरक्षा और सम्मान को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। अब इन दावों की वास्तविक सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि महिलाओं की सुरक्षा, अपराधों पर नियंत्रण और न्याय तक पहुंच के मोर्चे पर जमीन पर कितना बदलाव दिखाई देता है।
Leave a Reply