ब्रिटेन के एक व्यक्ति ने अदालत में अपना केस लड़ने के लिए वकील की बजाय ChatGPT की मदद ली। मामला तब शुरू हुआ जब उसने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड को बड़ी रकम दी थी, लेकिन रिश्ता खत्म होने के बाद पैसे वापस मांगने पर उसने इनकार कर दिया।

बताया गया कि शख्स ने पहले कई वकीलों से संपर्क किया, लेकिन कानूनी फीस काफी ज्यादा होने के कारण उसने खुद ही अदालत में अपना पक्ष रखने का फैसला किया। इसके बाद उसने ChatGPT से कानूनी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और कोर्ट में अपनी बात रखने का तरीका समझा।
शख्स का कहना है कि ChatGPT ने वकील की तरह कानूनी सलाह नहीं दी, बल्कि पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाया। इससे उसे केस की तैयारी करने और अदालत में आत्मविश्वास के साथ अपनी दलीलें रखने में मदद मिली।
सुनवाई के दौरान पूर्व गर्लफ्रेंड ने दावा किया कि दी गई रकम उसे तोहफे के रूप में मिली थी। हालांकि अदालत में वह अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सकी। दूसरी ओर, शख्स ने उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखा।
सभी सबूतों पर विचार करने के बाद अदालत ने फैसला शख्स के पक्ष में सुनाया और महिला को पूरी रकम लौटाने का आदेश दिया। इस घटना के बाद कानूनी मामलों में AI टूल्स के उपयोग को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, हालांकि विशेषज्ञ अब भी ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करते समय तथ्यों की स्वतंत्र जांच करने की सलाह देते हैं।

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