बिहार की जंग: NDA का ‘महा-विनाश’ वाला प्रहार! नीतीश ने रचा इतिहास, तेजस्वी का ‘चमत्कार’ फेल, 202 सीटों पर कब्जा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने सभी एग्जिट पोल को सही साबित करते हुए एकतरफा फैसला सुनाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार और ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए विपक्ष के महागठबंधन (Mahagathbandhan) को करारी शिकस्त दी है।

NDA की सुनामी: 243 सीटों वाली विधानसभा में NDA 202 सीटों पर प्रचंड बहुमत के साथ बढ़त बनाए हुए है। यह गठबंधन के 2020 के प्रदर्शन (122 सीटें) से भी कहीं ज्यादा बड़ी जीत है।

नीतीश कुमार का रिकॉर्ड: इस महाविजय के साथ, नीतीश कुमार पांचवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं, जिससे वह राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बन जाएंगे।

महागठबंधन हुआ चित्त: राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन सिर्फ 34 सीटों पर सिमटता दिख रहा है।

तेजस्वी की सीट: हालांकि, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव अपनी सीट राघोपुर पर 10,000 वोटों के बड़े अंतर से आगे चल रहे हैं।

चिराग फैक्टर: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) प्रमुख चिराग पासवान की पार्टी ने भी 19 सीटों पर बढ़त हासिल कर गठबंधन के लिए बड़ी सफलता दर्ज की है।

विपक्ष पर हमला: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NDA की जीत पर कहा, “जंगलराज और तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले किसी भी भेष में आएँ, उन्हें लूटने का मौका नहीं मिलेगा। जनता अब सिर्फ और सिर्फ ‘Politics of performance’ के आधार पर जनादेश देती है।”

भाजपा का ‘ज्ञान’: बीजेपी सूत्रों ने इस बम्पर जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, और नारी) रणनीति को दिया, जिसने जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर विकास के नाम पर वोट बटोरे।

वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई। महागठबंधन के कई बड़े नेता, जिनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निखिल कुमार भी शामिल हैं, ने पार्टी के कमजोर प्रदर्शन और आरजेडी के “अहंकार” को हार की वजह बताया है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी अपना खाता खोलने में पूरी तरह विफल रही। कुल मिलाकर, बिहार की जनता ने एक बार फिर स्थिरता, कानून-व्यवस्था और विकास को चुना है।

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