दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों में शामिल Meta एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। एक लीक हुए आंतरिक दस्तावेज़ के आधार पर दावा किया गया है कि कंपनी को कथित तौर पर स्कैम और संदिग्ध विज्ञापनों से हर साल करीब 7 अरब डॉलर की कमाई होती थी। इन दावों के सामने आने के बाद टेक इंडस्ट्री में हलचल मच गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, लीक दस्तावेज़ों में यह दावा किया गया है कि Meta को अपने प्लेटफॉर्म पर चल रहे कई हाई-रिस्क या कथित स्कैम विज्ञापनों की जानकारी थी। आरोप है कि ऐसे विज्ञापन बड़ी संख्या में Facebook और Instagram पर चलते रहे और उनसे कंपनी को भारी विज्ञापन राजस्व मिलता रहा। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दस्तावेज़ों में यह भी दावा किया गया है कि कंपनी के भीतर ऐसे विज्ञापनों को लेकर लगातार चर्चा होती रही। रिपोर्ट के अनुसार, स्कैम विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई करने से राजस्व पर असर पड़ सकता था, इसलिए आंतरिक स्तर पर अलग-अलग रणनीतियों पर विचार किया गया। ये आरोप लीक दस्तावेज़ों पर आधारित हैं।
Meta की ओर से पहले भी कहा गया है कि वह फर्जी विज्ञापनों, धोखाधड़ी और ऑनलाइन स्कैम के खिलाफ लगातार कार्रवाई करती है। कंपनी का कहना है कि वह संदिग्ध विज्ञापन हटाने, अकाउंट बंद करने और यूजर्स की सुरक्षा के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करती है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन विज्ञापन इकोसिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने और यूजर्स को फर्जी विज्ञापनों से बचाने के लिए कड़े नियमों की जरूरत है।
फिलहाल इन लीक दस्तावेज़ों में किए गए दावों को लेकर चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि Meta इन आरोपों पर क्या विस्तृत जवाब देता है और क्या नियामक एजेंसियां इस मामले में कोई आगे की कार्रवाई करती हैं।
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