दुनिया के वो ‘अमीर’ देश जहां की सरकारें हर नागरिक के खाते में बिना काम किए डालती हैं लाखों रुपये!

दुनियाभर में हर नागरिक को बिना शर्त एक निश्चित राशि देने की योजना पर तेजी से चर्चा हो रही है, जिसे यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) कहा जाता है। हालांकि यह कॉन्सेप्ट अभी भी कई देशों में परीक्षण के चरण में है, लेकिन कुछ ऐसे ‘भाग्यशाली’ देश और क्षेत्र हैं, जहां की सरकारें अपने नागरिकों के खाते में नियमित तौर पर मोटी रकम जमा करती हैं:

💰 1. अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका)

अलास्का में सरकार हर नागरिक के बैंक खाते में एक बड़ी राशि जमा करती है। यह दुनिया में अपनी तरह का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है, जिसे पर्मानेंट फंड डिविडेंड (PFD) कहा जाता है।कैसे मिलता है पैसा?

अलास्का सरकार राज्य के तेल राजस्व (Oil Revenue) का एक हिस्सा हर नागरिक के साथ साझा करती है। यह पैसा हर साल लाभांश (Dividend) के रूप में नागरिक के खाते में आता है।

राशि: हर साल मिलने वाली राशि तय नहीं होती, यह तेल की कीमतों और फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। यह राशि एक लाख रुपये से भी अधिक हो सकती है। यह स्कीम यहाँ रहने वाले हर नागरिक को मिलती है, चाहे वह अमीर हो या गरीब।

🇫🇮 2. फिनलैंड (यूरोपीय देश)

फिनलैंड दुनिया के उन पहले देशों में से था जिसने यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) पर एक महत्वाकांक्षी प्रयोग किया।

प्रयोग: फिनलैंड ने 2017 से 2018 तक 2000 बेरोजगार नागरिकों को हर महीने बिना शर्त एक निश्चित राशि दी। इसका उद्देश्य यह जानना था कि क्या इससे लोग काम की तलाश में ज्यादा सक्रिय होते हैं या नहीं।

परिणाम: इस ट्रायल में खुशी और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार देखा गया, लेकिन रोजगार के आंकड़ों पर इसका सीधा बड़ा प्रभाव नहीं दिखा। हालांकि, यह ट्रायल खत्म हो गया था, लेकिन UBI पर वैश्विक चर्चा में फिनलैंड का उदाहरण हमेशा शामिल रहता है।

🇨🇭 3. स्विट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड, जो दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है, UBI पर चर्चा के कारण सुर्खियों में रहा।जनमत संग्रह:

2016 में, स्विट्जरलैंड ने राष्ट्रीय स्तर पर एक जनमत संग्रह (Referendum) आयोजित किया था कि क्या देश के हर नागरिक को हर महीने लगभग 1,70,000 रुपये (2500 स्विस फ्रैंक) दिए जाने चाहिए या नहीं।

फैसला: हालांकि, यह प्रस्ताव भारी मतों से खारिज कर दिया गया, लेकिन UBI के पक्ष में यह एक ऐतिहासिक पहल थी।

🇨🇦 4. कनाडा

कनाडा में भी ओंटारियो जैसे प्रांतों में बेसिक इनकम के पायलट प्रोजेक्ट चलाए गए हैं, जिसमें लोगों को एक निश्चित आय सुनिश्चित की जाती है।

यह योजनाएं इस विचार पर आधारित हैं कि नागरिकों को बुनियादी जीवनयापन के लिए पर्याप्त पैसा मिलने से वे बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

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