बरेली, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बरेली में रुहेलखंड विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे एक नाइजीरियाई छात्र की गिरफ्तारी ने हड़कंप मचा दिया है। छात्र पर वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन में फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है।

गिरफ्तार छात्र की पहचान युसुफ बाला मुस्तफा के रूप में हुई है, जो छात्र वीजा पर भारत आया था और यहां रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ रहा था। जब युसुफ ने अपने वीजा के विस्तार (Extension) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, तो अधिकारियों को उसके दस्तावेजों पर संदेह हुआ।
जांच में खुलासा हुआ कि युसुफ ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) लुधियाना का एक जाली पंजीकरण प्रमाण पत्र (Fake Registration Certificate) अपलोड किया था। नियमानुसार, एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने पर उसे FRRO से अनुमोदन प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य था, जिसे उसने दरकिनार किया और फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस पूरे फर्जीवाड़े में युसुफ की मदद उसके एक सूडानी दोस्त अयूब अली ने की थी, जो पंजाब की एक यूनिवर्सिटी का छात्र है। पुलिस ने युसुफ को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेज दिया गया है। वहीं, उसके साथी सूडानी छात्र अयूब अली की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम पंजाब रवाना हो गई है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, खुफिया एजेंसियां (इंटेलिजेंस ब्यूरो – IB और ATS) भी जांच में जुट गई हैं ताकि किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह या आतंकी कनेक्शन की संभावना को तलाशा जा सके। पुलिस ने युसुफ का लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। यह घटना विदेशी छात्रों द्वारा भारत में वीजा नियमों के उल्लंघन की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है।