Deepfake पर सरकार की सख्ती से Meta के छूटे पसीने! कंपनी ने मानी अपनी गलती, अब Fake AI कंटेंट पर होगा बड़ा एक्शन

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भारत में Deepfake और Fake AI कंटेंट को लेकर सरकार की सख्ती के बाद Meta के सामने मुश्किलें बढ़ गई हैं। Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी Meta ने भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत में अपनी कुछ गंभीर खामियों और ऑपरेशनल गलतियों को स्वीकार किया है। सरकार की ओर से प्लेटफॉर्म पर मौजूद खतरनाक और भ्रामक AI-generated कंटेंट को लेकर जवाब मांगा गया था, जिसके बाद कंपनी ने सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है।

मामला सिर्फ Deepfake तक सीमित नहीं है। भारतीय सरकार ने Meta के सामने AI से बनाए गए फर्जी वीडियो, ऑडियो और दूसरे सिंथेटिक कंटेंट के साथ-साथ बच्चों से जुड़े बेहद गंभीर आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर भी चिंता जताई है। रिपोर्टों के मुताबिक, Meta के वैश्विक अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में कंपनी ने माना कि उसके सिस्टम में कुछ ऐसी कमियां रही हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। इसी दौरान Meta के CEO Mark Zuckerberg की ओर से भी भारतीय सरकार के सामने माफी की बात सामने आई है।

सरकार ने AI-generated कंटेंट को लेकर नियम भी और सख्त कर दिए हैं। नए प्रावधानों के तहत प्लेटफॉर्म्स को सिंथेटिक कंटेंट की पहचान और लेबलिंग के लिए व्यवस्था करनी होगी, ताकि यूजर्स को पता चल सके कि सामने दिखाई दे रही तस्वीर, वीडियो या ऑडियो असली है या AI से बनाया गया है। इसके अलावा गैरकानूनी कंटेंट की शिकायत या सरकारी नोटिस मिलने के बाद उसे हटाने की समयसीमा भी पहले के 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे कर दी गई है। ऐसे में Meta समेत सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अब कंटेंट मॉडरेशन को लेकर काफी ज्यादा दबाव है।

Meta के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल के दिनों में कंपनी को भारत में कई अलग-अलग घटनाओं को लेकर सरकार के सवालों का सामना करना पड़ा है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक Facebook पोस्ट को गलती से प्रतिबंधित किए जाने का मामला भी शामिल है, जिस पर Meta की ओर से माफी मांगी गई थी। इसके अलावा भारत में Meta के प्लेटफॉर्म पर AI-generated कंटेंट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री की मौजूदगी को लेकर भी सरकार ने कंपनी के वैश्विक अधिकारियों से जवाब मांगा था।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि Meta इन खामियों को दूर करने के लिए जमीन पर कितना तेज एक्शन लेता है। भारत सरकार साफ कर चुकी है कि देश में काम करने वाली टेक कंपनियों को भारतीय कानून और नियमों का पालन करना होगा, चाहे उनकी अपनी वैश्विक नीतियां कुछ भी हों। Deepfake तेजी से फैलने वाले कंटेंट का रूप ले चुका है, इसलिए सरकार की नई तीन घंटे वाली समयसीमा और AI कंटेंट की अनिवार्य लेबलिंग से Meta जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए आने वाले दिनों में कंटेंट मॉडरेशन और भी बड़ा टेस्ट बनने वाला है।

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