उत्तर प्रदेश के शामली में कथित धर्म परिवर्तन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया है। मामला शामली के कारोबारी देव राज मलिक की शिकायत से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे आयुष मलिक को कथित तौर पर एक साजिश के तहत धर्म बदलने के लिए प्रभावित किया गया और बाद में उसकी पहचान भी बदल दी गई। पुलिस ने मामले में उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण विरोधी कानून समेत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले की जांच के लिए SIT और LIU की टीमें भी लगाई गई हैं।

पुलिस के अनुसार, आयुष मलिक ने 2018 में पैर में चोट के इलाज के दौरान चांदनी कुरैशी से मुलाकात की थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धीरे-धीरे चांदनी और उसके परिवार के लोगों ने आयुष को इस्लाम अपनाने के लिए प्रभावित किया। कारोबारी पिता का दावा है कि 2023 में आयुष को दिल्ली ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया और उसे नया नाम मोहम्मद अली दिया गया। शिकायत में दिल्ली में निकाह कराए जाने का भी आरोप है, हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अभी तक कोई मैरिज सर्टिफिकेट बरामद नहीं हुआ है।
मामले में सबसे बड़ा दावा परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर किया गया है। शिकायतकर्ता देव राज मलिक का आरोप है कि उनके बेटे के धर्म परिवर्तन और परिवार से दूरी बनाने के पीछे सिर्फ धार्मिक वजह नहीं, बल्कि संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करने की कथित साजिश भी हो सकती है। पुलिस के मुताबिक, आयुष B-Pharma ग्रेजुएट है और परिवार की मेडिकल स्टोर की देखरेख में भी मदद करता था। शिकायत में यह भी कहा गया कि धर्म परिवर्तन के बाद आयुष ने दाढ़ी बढ़ाई, पांच वक्त की नमाज पढ़ना शुरू किया और पहनावे में भी बदलाव किया। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस को पूरे मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि करनी है।
इस मामले में चांदनी और उसके पिता के अलावा कई अन्य लोगों और दो अज्ञात मौलवियों के नाम भी FIR में दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि दूसरे आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और कुछ लोगों को पकड़ने के लिए टीमें बनाई गई हैं। शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, SIT और LIU मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित धर्म परिवर्तन की पूरी कड़ी कितनी दूर तक जाती है। यानी फिलहाल पुलिस के सामने सिर्फ दो गिरफ्तारियां नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की भूमिका साफ करने की चुनौती है।
बाद की घटनाओं में इस मामले ने एक और मोड़ लिया। आयुष मलिक ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उसने अपनी इच्छा से दोबारा हिंदू धर्म अपना लिया है। जून के अंत में सामने आए एक वीडियो में वह हिंदू धार्मिक अनुष्ठान करते दिखाई दिया और उसने कहा कि परिवार को हुई परेशानी को देखते हुए उसने अपनी मर्जी से सनातन धर्म में लौटने का फैसला किया। हालांकि इससे पहले पुलिस जांच में चांदनी और उसके पिता की गिरफ्तारी हो चुकी थी और मामला कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आयुष के धर्म परिवर्तन, उसकी पहचान बदलने और बाद में वापस लौटने के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था।
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