बिहार के पूर्णिया में पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसके बैंक खाते में सिर्फ दो दिनों के अंदर 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई राशि का लेनदेन हुआ था।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रूपेश कुमार सालिया के रूप में हुई है, जो कसबा थाना क्षेत्र का निवासी है।यह मामला मुंबई के एक दंपत्ति से ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) के नाम पर हुई 10.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें ठगी की गई राशि रूपेश के बैंक खाते में मंगाई गई थी।पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी रूपेश कर्ज में डूबा हुआ था। उसने कमीशन के लालच में आकर अपना करेंट बैंक खाता साइबर अपराधियों को सौंप दिया था।
खाते में इतनी बड़ी और संदिग्ध राशि आने पर संबंधित बैंक शाखा ने तत्काल साइबर थाना में मामला दर्ज कराया।जांच के बाद साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रूपेश कुमार को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, रूपेश एक निजी स्कूल/शोरूम का संचालक भी है। साइबर अपराध से जुड़े पोर्टल पर उसके खिलाफ पहले से ही 12 शिकायतें दर्ज हैं।फिलहाल, पुलिस रूपेश के अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है और इस बिहार-बंगाल लिंक वाले गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए जांच जारी है।