बस्ती: 20 साल से ‘राम दुलारे’ बनकर रह रहा था गुजरात का अब्दुल, हिंदू महिला से शादी कर चला रहा था झाड़-फूँक का काम, ऐसे हुआ पर्दाफाश…

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति पिछले 20 सालों से अपनी असली पहचान छिपाकर, एक हिंदू नाम से रह रहा था। पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और धार्मिक पहचान छिपाने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया है।

असली पहचान: आरोपी की पहचान अब्दुल अज़ीज़ (58 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के द्वारका का निवासी है।

फर्जी नाम: बस्ती के हर्रैया थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में वह पिछले दो दशकों से ‘राम दुलारे’ बनकर रह रहा था।

धोखाधड़ी: अब्दुल/राम दुलारे ने इसी फर्जी पहचान के साथ गांव की एक मीना देवी नामक महिला से हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की और उनके बच्चे भी हैं। बताया गया है कि वह खुद को एक झाड़-फूँक करने वाला बताकर अपना काम चलाता था।

यह बड़ा खुलासा तब हुआ जब गांव के प्रधान को ‘राम दुलारे’ की गतिविधियों, उसकी भाषा और हाव-भाव पर शक हुआ। प्रधान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसकी पहचान की गहराई से जांच शुरू की।पुलिस ने उसके पास मौजूद फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज़ जब्त किए।तकनीकी जांच और गुजरात पुलिस से संपर्क करने के बाद, उसकी असली पहचान अब्दुल अज़ीज़ के रूप में सामने आई।पुलिस के मुताबिक, अब्दुल अज़ीज़ ने अपनी असली पहचान छिपाकर मीना देवी से शादी की थी और समाज में धोखाधड़ी से रह रहा था।

पुलिस ने आरोपी अब्दुल अजीज के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने और पहचान छिपाकर शादी करने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि उसके यहां इतने लंबे समय तक छिपकर रहने के पीछे कोई अन्य मकसद तो नहीं था।

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