सजधज कर बैठी दुल्हन… इमाम ने दूल्हे को देखते ही कहा— ‘ये निकाह नहीं होगा!’ और पलभर में उलटी पड़ी पूरी बारात

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहाँ निकाह की सभी तैयारियां पूरी होने और बारात दरवाजे पर पहुँचने के बावजूद इमाम ने शादी कराने से इनकार कर दिया। इमाम के इस कदम के पीछे की वजह आपको भी हैरान कर देगी।

यह मामला बिजनौर के मोहल्ला बख्शीवाला का है, जहाँ स्योहारा से बारात आई थी। बताया जा रहा है कि दुल्हन पूरी तरह तैयार थी और दोनों पक्ष बेहद खुश थे। निकाह की रस्में शुरू होने से ठीक पहले, निकाह पढ़ाने आए इमाम ने जब दूल्हे की ओर देखा, तो उन्हें उसकी उम्र काफी अधिक लगी।जब इमाम ने औपचारिकताओं के तहत जाँच की, तो सच्चाई सामने आई। दूल्हे की उम्र लगभग 45 साल थी, जबकि दुल्हन का आधार कार्ड मंगवाने पर उसकी उम्र मात्र 15 वर्ष दर्ज मिली। यानी दुल्हन नाबालिग थी।

इमाम ने तत्काल प्रभाव से निकाह पढ़ाने से मना कर दिया और इस तरह की बाल विवाह को कानूनी और धार्मिक दोनों ही दृष्टियों से गलत बताया। इमाम ने दुल्हन के परिवार को समझाया कि एक बच्ची की शादी करवाना उचित नहीं है।इमाम के इनकार के बाद शादी समारोह में हंगामा शुरू हो गया। दूल्हा पक्ष ने काफी आपत्ति जताई, लेकिन इमाम और स्थानीय लोगों की समझाइश के बाद उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक, दूल्हे के बारे में यह भी पता चला कि वह पहले भी दो शादियाँ कर चुका था, लेकिन उसकी दोनों पत्नियाँ उसे छोड़ चुकी थीं। वह तीसरी बार शादी करने जा रहा था। बारात में कम संख्या (सिर्फ 25 लोग) और बारात में मौजूद एक व्यक्ति द्वारा जल्दी निकाह कराने की लगातार जिद ने भी स्थानीय लोगों के बीच संदेह पैदा किया था।इमाम के इस साहसिक कदम की वजह से एक नाबालिग लड़की को बड़ी उम्र के व्यक्ति से शादी के बंधन में बंधने से बचा लिया गया।

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