बाड़मेर/राजस्थान: राजस्थान की रेतीली धरती पर वैसे तो वीरता और प्रेम की अनगिनत कहानियां सुनी जाती हैं, लेकिन इसी मिट्टी में एक ऐसी काली दास्तां भी दबी है जो आज भी महिलाओं को डरा देती है। यह कहानी है जियाराम की, जिसे पुलिस के रिकॉर्ड में तो एक ‘शातिर चोर’ माना गया, लेकिन समाज की नजर में वह एक ऐसा ‘लुटेरा दूल्हा’ था जिसने अपनी पूरी जिंदगी में 55 बार सुहागरात मनाई।

जियाराम का जुर्म करने का तरीका बेहद अनोखा और खौफनाक था। वह अक्सर सीमावर्ती इलाकों और गरीब गांवों की मासूम लड़कियों को अपना निशाना बनाता था। उसका मकसद शादी करना नहीं, बल्कि शादी की पहली रात को ही लूटपाट करना था।
शादी और सुहागरात का ढोंग: जियाराम अपनी पहचान बदलकर भोली-भाली लड़कियों के परिवारों को झांसे में लेता और उनसे शादी रचाता था।55 बार की सुहागरात: पुलिस जांच के अनुसार, उसने करीब 55 अलग-अलग महिलाओं से शादी की या उन्हें शादी का झांसा देकर सुहागरात मनाई।अगली सुबह फरार: वह सुहागरात के कुछ घंटों बाद, आधी रात को या सुबह होने से पहले ही दुल्हन के सारे जेवर, नकदी और कीमती सामान लेकर चंपत हो जाता था।
सालों तक पुलिस को छकाने के बाद, जब एक के बाद एक कई पीड़ित महिलाएं सामने आईं और उनके बयानों में एक ही शख्स का हुलिया सामने आया, तब पुलिस ने जाल बिछाया। बाड़मेर पुलिस ने जियाराम को धर दबोचा और जब उसकी सच्चाई खुली तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। उसने कबूल किया कि वह नशा करने और अय्याशी के लिए यह घिनौना खेल खेलता था।