तबाही का ‘सफेदपोश’ एंगल! जैश-ए-मोहम्मद के ‘डॉक्टर’ आतंकी मॉड्यूल से जब्त अमोनियम नाइट्रेट बना कयामत की वजह; जांच करने आए 9 अधिकारी-कर्मचारी जिंदा जले!

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बीती रात (शुक्रवार देर रात) एक भयानक हादसा हुआ, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के नौगाम पुलिस स्टेशन के अंदर भारी मात्रा में रखा गया अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक पदार्थ अचानक ज़ोरदार धमाके के साथ फट गए।

विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पूरा पुलिस स्टेशन मलबे के ढेर में तब्दील हो गया और उसकी आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इस दिल दहला देने वाले हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 29 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में अधिकतर पुलिसकर्मी, फॉरेंसिक टीम के अधिकारी और प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं, जो मौके पर विस्फोटक की जांच कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, कई घायलों की हालत गंभीर है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

यह विस्फोटक सामग्री हाल ही में पकड़े गए ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी थी। यह मॉड्यूल, जिसमें डॉक्टर और उच्च शिक्षित पेशेवर शामिल थे, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने इन आतंकियों के ठिकानों, जिनमें हरियाणा के फरीदाबाद से बरामद एक ठिकाना भी शामिल है, से भारी मात्रा में IED बनाने वाली सामग्री (लगभग 2,900 किलोग्राम) जब्त की थी।

प्रारंभिक रिपोर्टों में पता चला है कि यह भयानक हादसा तब हुआ जब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम और पुलिसकर्मी जब्त किए गए अमोनियम नाइट्रेट के नमूने ले रहे थे। आशंका है कि विस्फोटक सामग्री को गलत तरीके से रखा गया था या आईईडी (IED) को ठीक से निष्क्रिय नहीं किया गया था, जिसके कारण यह समय से पहले फट गया।

धमाके के बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन स्टेशन का बड़ा हिस्सा नष्ट होने के कारण बचाव कार्यों में बाधा आई। घायलों को तुरंत आर्मी के 92 बेस हॉस्पिटल और शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इलाके का दौरा कर मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

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