गैंगरेप पीड़िता के साथ ‘रक्षक’ बना भक्षक: इंस्पेक्टर ने पति को पीटा-बंद किया, 50 हजार की रिश्वत मांगी और फिर… वर्दी को शर्मसार कर देने वाला ‘कांड’

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से कानून और व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर देने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। खुर्जा नगर कोतवाली में तैनात एक दरोगा पर एक गैंगरेप पीड़िता ने संगीन आरोप लगाया है कि न्याय दिलाने के बजाय, उस पुलिस अधिकारी ने खुद उसके साथ दुष्कर्म किया।

खुर्जा निवासी पीड़िता, जो पहले अपने पति के साथ एक निजी कंपनी में काम करती थी, ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई:

पहला अपराध (गैंगरेप): महिला का आरोप है कि कंपनी में काम करने वाले तीन युवकों ने उसे अगवा कर, नशीला कोल्ड ड्रिंक पिलाकर उसके साथ गैंगरेप किया था। इस घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर महिला का धर्म परिवर्तन भी कराया।

दरोगा का अत्याचार: जब महिला कुछ दिन बाद घर लौटी, तो कोतवाली में तैनात दरोगा उनके पास पहुंचा। दरोगा ने महिला के पति को धमकाया कि पत्नी के घर लौटने की सूचना क्यों नहीं दी गई।

पति को पीटा और रिश्वत मांगी: पीड़िता के मुताबिक, दरोगा ने उसके पति को गाली गलौज करते हुए थाने ले गया, जहाँ उसे जमकर पीटा गया और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। पति को छोड़ने के एवज में दरोगा ने 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

रेप का आरोप: जब पीड़िता ने रिश्वत देने में असमर्थता जताई, तो दरोगा ने उससे संबंध बनाने की पेशकश की और दबाव बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसने तीन दिन पहले खुर्जा कोतवाली के निरीक्षण के लिए पहुँचे डीआईजी से भी मिलने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उसे धमकाया और पति को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।

पुलिस का पक्ष: इस गंभीर मामले पर एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह ने कहा है कि महिला का मुकदमा पहले से दर्ज है और कुछ गिरफ्तारियाँ भी हो चुकी हैं।

जाँच के आदेश: एसपी देहात ने स्वीकार किया कि महिला द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र की जाँच कराई जा रही है, हालाँकि प्रथम दृष्टया आरोप निराधार लग रहे हैं।

पुलिस ने जाँच के बाद सच्चाई सामने आने का आश्वासन दिया है, लेकिन वर्दी पर लगे इस दाग ने महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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