नोएडा, उत्तर प्रदेश—नोएडा पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। घरेलू सहायिका बनकर घरों में चोरी करने वाली दो महिलाओं को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले से गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों महिलाएं रिश्ते में देवरानी-जेठानी हैं, जिन पर नोएडा के दो घरों से 85 लाख रुपये से अधिक मूल्य के आभूषण और लगभग 3 लाख रुपये नकद चोरी करने का आरोप है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं की पहचान 31 वर्षीय मामुनी जाना उर्फ मोनी और 30 वर्षीय आशा उर्फ मामोनी के रूप में हुई है। ये महिलाएं पिछले पांच सालों से नोएडा में रह रही थीं और अलग-अलग घरों में काम की तलाश करती थीं।
जांच में सामने आया है कि इन महिलाओं का तरीका (Modus Operandi) एक जैसा था। ये घरों में नौकरानी के तौर पर काम शुरू करती थीं और जल्द ही मालिकों का भरोसा जीत लेती थीं। इसके बाद, काम पर रखे जाने के कुछ ही दिनों या एक हफ्ते के भीतर, मौका पाकर वे सोने-चांदी, हीरे के जेवरात और नकदी चुराकर सीधे अपने गृहनगर पश्चिम बंगाल भाग जाती थीं।
नवंबर महीने की शुरुआत में सेक्टर-12 और बरौला गांव (सेक्टर-49) में चोरी की दो शिकायतें दर्ज की गई थीं। मामुनी जाना ने सेक्टर-24 क्षेत्र में और आशा उर्फ मामोनी ने सेक्टर-49 क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने दोनों आरोपी देवरानी-जेठानी के पास से चोरी की गई लगभग 85 लाख रुपये की सोने-हीरे की ज्वेलरी और 2.89 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद, दोनों महिलाओं को ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाया गया है।
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये महिलाएं चोरी के सोने को पिघलाकर सुनार को बेच देती थीं और ऐसा करने के लिए आर्थिक तंगी का बहाना बनाती थीं। पुलिस अब इस चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह भी पता चला है कि जिन घरों में चोरी हुई, वहां मालिकों ने घरेलू सहायिकाओं का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था।