मोतिहारी, बिहार: बिहार के मोतिहारी से एक बेहद चौंकाने वाला और फ़िल्मी घटनाक्रम सामने आया है। यहां एक विवाहित महिला, जिसे उसके ससुराल वालों ने ‘मार डाला’ समझ लिया था और इस आरोप में उसका पति डेढ़ साल से जेल की सज़ा काट रहा था, वह अपने प्रेमी के साथ ज़िंदा पाई गई है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना मोतिहारी के पताही थाना क्षेत्र से जुड़ी है। करीब डेढ़ साल पहले, रुख़साना ख़ातून नाम की महिला अचानक अपने घर से गायब हो गई थी।
हत्या का आरोप: रुख़साना के मायके वालों ने उसके पति शेख़ इश्तियाक पर रुख़साना की हत्या करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी।
पति को जेल: हत्या के आरोपों के आधार पर पुलिस ने रुख़साना के पति शेख़ इश्तियाक को गिरफ्तार कर लिया और वह तब से जेल में बंद था।
हाल ही में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि जिस रुख़साना को मरा हुआ मान लिया गया था, वह ज़िंदा है और अपने प्रेमी के साथ रह रही है।
गिरफ्तारी: पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रुख़साना और उसके प्रेमी जफ़र को पताही इलाके से ज़िंदा पकड़ लिया।
खुलासा: रुख़साना ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने अपनी मर्ज़ी से अपने प्रेमी के साथ भागकर रहना शुरू कर दिया था। उसने जानबूझकर अपनी हत्या की झूठी कहानी रची थी, जिसके कारण उसका पति जेल चला गया।
पति की रिहाई: पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश कर उसका बयान दर्ज कराया है। अब झूठे केस में जेल गए पति, शेख़ इश्तियाक, को रिहा कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
प्रेमी जोड़े पर केस: पुलिस अब रुख़साना ख़ातून और उसके प्रेमी जफ़र के ख़िलाफ़ झूठी गवाही देने और पुलिस तथा न्याय प्रणाली को गुमराह करने के आरोप में अलग से मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।यह मामला पुलिस की जाँच प्रणाली पर सवाल खड़े करता है, साथ ही यह भी दर्शाता है कि कैसे एक व्यक्ति को झूठे आरोपों के चलते डेढ़ साल तक जेल में रहना पड़ा।