बिहार के बेगूसराय जिले से एक बार फिर दहेज लोभियों की दरिंदगी का रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। एक शादीशुदा महिला को उसके पति और ससुराल वालों ने सिर्फ एक मोटरसाइकिल की मांग पूरी न होने पर पहले क्रूरता से मार डाला, और फिर सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश को चुपचाप पवित्र गंगा नदी में फेंक दिया।

🏍️ बाइक बनी मौत का फरमान!
बेगूसराय के बछवाड़ा क्षेत्र की रहने वाली इस महिला (नाम उल्लेख होगा) की शादी कुछ साल पहले ही हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल वाले उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे।
मांग: पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, ससुराल वाले लंबे समय से उससे एक नई मोटरसाइकिल (बाइक) की मांग कर रहे थे।
अत्याचार: मांग पूरी न होने पर उन्होंने महिला को भयानक यातनाएं दीं।
खौफनाक अंत: अंततः, दहेज के इन दानवों ने मिलकर महिला की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के इरादे से उसकी लाश को चुपके से गंगा नदी में बहा दिया।
🌊 19 दिन बाद गंगा ने उगली लाश!
महिला के गायब होने के बाद उसके मायके वालों ने ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस और परिजन लगभग 19 दिनों तक महिला को तलाश करते रहे।
दर्दनाक खोज: 19 दिन बाद, बेगूसराय के सिमरिया घाट के पास गंगा नदी के किनारे महिला की अधजली और क्षत-विक्षत लाश मिली, जिसकी पहचान करना भी मुश्किल था।
पहचान: मायके वालों ने कपड़ों और अन्य निशानों से शव की पहचान की।
आरोप: परिजनों ने साफ तौर पर ससुराल वालों पर हत्या और लाश छिपाने का आरोप लगाया है।
फिलहाल, पुलिस ने दहेज हत्या (Dowry Murder) का मामला दर्ज कर लिया है और मुख्य आरोपियों (पति, सास, ससुर आदि) की तलाश में छापेमारी कर रही है। यह घटना दिखाती है कि आज भी समाज में दहेज़ के लोभियों के लिए इंसान की ज़िंदगी की कीमत एक छोटी सी बाइक से भी कम है।