ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म WinZO की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऐप और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी का आरोप है कि WinZO ने गेमिंग के नाम पर यूज़र्स को गुमराह कर सैकड़ों करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।

ED की जांच में सामने आया है कि WinZO प्लेटफॉर्म पर कई गेम्स में बॉट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। शुरुआती दौर में खिलाड़ियों को जानबूझकर जीत दिलाई गई ताकि वे अधिक पैसा लगाएं, जबकि बाद में कठिन स्तर के बॉट्स के जरिए उन्हें लगातार हराया गया। इससे बड़ी संख्या में यूज़र्स को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस तरीके से कंपनी ने करीब 734 करोड़ रुपये का नुकसान खिलाड़ियों को पहुंचाया, जबकि 2021 से 2026 के बीच हजारों करोड़ रुपये की कमाई की गई। ED के अनुसार, इस रकम को विदेशी शेल कंपनियों के जरिये अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों में भेजकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
चार्जशीट में WinZO प्राइवेट लिमिटेड, इसके प्रमोटर्स और कुछ विदेशी सहयोगी कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। यह भी आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा रियल-मनी गेमिंग ऐप्स पर सख्ती और कुछ प्रतिबंधों के बावजूद, कंपनी ने कई यूज़र्स की जमा राशि और जीत की रकम वापस नहीं की।
फिलहाल मामला विशेष PMLA अदालत में विचाराधीन है और ED की जांच जारी है। एजेंसी का कहना है कि आने वाले समय में इस केस में और भी खुलासे हो सकते हैं।