झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज हो गया है। कई दिनों से राजधानी रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनके इस फैसले के बाद आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है और बड़ी संख्या में छात्र लगातार धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि उनका विरोध किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में लंबे समय से पारदर्शिता की कमी और अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
देवेंद्र नाथ महतो ने अनशन शुरू करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल कुछ अभ्यर्थियों की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है। उनका कहना है कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन और अनशन जारी रहेगा। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने की भी अपील की।
धरना स्थल पर लगातार छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने भी आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया है। प्रदर्शनकारी सरकार से सीधी बातचीत, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक भरोसेमंद व्यवस्था नहीं बनेगी, तब तक युवाओं का विश्वास बहाल नहीं हो पाएगा।
दूसरी ओर, इस आंदोलन ने राज्य की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। विभिन्न राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच सरकार पर छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला लेने का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
फिलहाल रांची में आंदोलन जारी है और सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। छात्र नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं निकलता। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इसी पर पूरे आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी।
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