झारखंड में आखिर छात्र क्यों बैठे हैं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर? अभिजीत दीपके ने दिया साथ, अब सरकार से रखीं ये बड़ी मांगें

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची में सैकड़ों छात्र कई दिनों से धरने पर बैठे हैं और अब यह आंदोलन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तक पहुंच गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस आंदोलन को हाल ही में अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी का भी समर्थन मिला है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उनके समर्थन के बाद यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC परीक्षा, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि पहले भी पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप लगे थे, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से छात्रों का सरकारी जांच पर भरोसा कमजोर पड़ गया है।

छात्रों की प्रमुख मांग है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाई जाए और जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप हैं, उनके बारे में स्पष्ट निर्णय लिया जाए। प्रदर्शनकारी यह भी चाहते हैं कि सरकार सीधे उनसे बातचीत करे और उनकी चिंताओं का समाधान निकाले।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है। उनका दावा है कि अगर भर्ती प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा खत्म हो गया, तो मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य भी प्रभावित होगा। इसी कारण वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

फिलहाल आंदोलन जारी है और सरकार की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। झारखंड का यह आंदोलन अब राज्य से निकलकर देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है।

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