झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। आज बड़ी संख्या में अभ्यर्थी विधानसभा की ओर मार्च निकालने की तैयारी में हैं। रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। वे 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, पूरे मामले की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच आंदोलनकारियों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी बनाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही संवाद के संकेत दे चुके हैं, लेकिन छात्र साफ कह चुके हैं कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।
विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे की गूंज सदन में भी सुनाई दे रही है। विपक्ष सरकार को लगातार घेर रहा है, जबकि बाहर छात्र बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे हैं। भर्ती घोटाले का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है।
प्रशासन ने विधानसभा और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। वहीं छात्र नेताओं ने भी कहा है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगों पर समझौता नहीं होगा।
फिलहाल पूरे राज्य की नजर आज के विधानसभा मार्च पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि सरकार छात्रों की मांगों पर कोई बड़ा फैसला लेती है या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होता है।
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