करीब 28 साल तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला हरियाणा पुलिसकर्मी की हत्या का आरोपी आखिरकार गिरफ्तार हो गया। राजिंदर बैरागी उर्फ ‘डॉ. झटका’ नाम बदलकर मध्य प्रदेश में नई पहचान के साथ रह रहा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कई राज्यों में चली लंबी जांच के बाद उसे दबोच लिया।

पुलिस के मुताबिक, राजिंदर बैरागी 1998 में हरियाणा के सोनीपत में एक शादी समारोह के दौरान हुई फायरिंग में पुलिसकर्मी जय भगवान की हत्या के मामले में आरोपी था। गिरफ्तारी के बाद वह 1999 में पुलिस हिरासत से हथकड़ी लगे होने के बावजूद फरार हो गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
फरारी के दौरान उसने अपनी पहचान बदल ली। पहले महाराष्ट्र में कुछ समय तक रहा और बाद में मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के मुंगावली में बस गया। वहां उसने राजेंद्र सिंह यादव नाम से आधार, पैन, वोटर आईडी और दूसरे दस्तावेज बनवा लिए। बिना पंजीकरण के इलाज करने लगा, जिसके कारण लोग उसे ‘डॉ. झटका’ कहने लगे। उसने शादी की, परिवार बसाया और प्रॉपर्टी के कारोबार से भी जुड़ गया।
दिल्ली पुलिस ने लंबे समय से फरार घोषित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। तकनीकी निगरानी, डिजिटल सुराग और मुखबिरों की मदद से पुलिस उसकी नई पहचान तक पहुंची। पहचान पक्की होने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने मुंगावली में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसके खिलाफ सिर्फ हत्या ही नहीं, बल्कि दिल्ली और हरियाणा में हत्या के प्रयास समेत कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि अब उससे अन्य मामलों में भी पूछताछ की जा रही है और उसके पुराने नेटवर्क की जांच जारी है।
करीब तीन दशक तक फरार रहने के बाद हुई यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि चाहे अपराधी कितने भी साल तक छिपा रहे, कानून की पकड़ से हमेशा नहीं बच सकता।
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