NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे रैकेट को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि किसी तरह का डिजिटल सबूत न बचे। इसके लिए कथित तौर पर NTA से जुड़े विषय विशेषज्ञों और बिचौलियों का नेटवर्क इस्तेमाल किया गया।

CBI के अनुसार, पेपर सीधे मोबाइल या सोशल मीडिया पर भेजने के बजाय पहले उसे याद किया गया। इसके बाद सवालों को छोटी-छोटी पर्चियों पर लिखा गया और कुछ किताबों पर विशेष निशान लगाकर जानकारी आगे पहुंचाई गई। इसी तरीके से उम्मीदवारों तक सवाल और जवाब पहुंचाने की कोशिश की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर कुछ विषय विशेषज्ञों ने मोटी रकम लेकर गोपनीय प्रश्नपत्र लीक किए। इसके बाद बिचौलियों के जरिए चुनिंदा अभ्यर्थियों तक यह सामग्री पहुंचाई गई। एजेंसी का कहना है कि पूरा नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था।
CBI ने चार्जशीट में कई आरोपियों की भूमिका का भी जिक्र किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि सबूतों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी गई हैं। मामले में कई गिरफ्तारियां पहले ही हो चुकी हैं और आगे भी जांच जारी है।
इस खुलासे के बाद देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में कई बदलावों की सिफारिश भी कर सकती है।
फिलहाल मामला अदालत में है और CBI अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में चार्जशीट और सबूतों के आधार पर कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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