सऊदी अरब में यमन के हूती विद्रोहियों के हमले तेज होने के बीच क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 41 वर्षीय MBS को बेहद सुरक्षित महलों के बीच शिफ्ट किया जा रहा है, जहां बंकर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उनकी सुरक्षा के लिए भरोसेमंद और चुनिंदा सुरक्षाकर्मियों की टीम तैनात है। इस खबर ने इसलिए भी ध्यान खींचा है, क्योंकि सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हालिया हमले में भारी नुकसान हुआ है।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि मोहम्मद बिन सलमान कई दिनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। उन्हें आखिरी बार मंगलवार को एक राष्ट्रीय रक्तदान अभियान के दौरान देखा गया था। इसके बाद से उनकी आवाजाही को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, उनकी सुरक्षा से जुड़े इन दावों पर सऊदी सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी वजह रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ घातक हमला बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 अक्टूबर को हुए मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन प्रभावित हुआ और सऊदी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे।
यमन के हूती विद्रोही लंबे समय से सऊदी अरब के खिलाफ हमले करते रहे हैं। इस बार लगातार हमलों ने सऊदी अरब की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात एयर डिफेंस सिस्टम को महत्वपूर्ण ठिकानों और शाही महलों की सुरक्षा के लिए फिर से व्यवस्थित किया जा रहा है। हालांकि, पूरे देश की विशाल भौगोलिक सीमा के कारण हर ठिकाने को एक साथ सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है।
मोहम्मद बिन सलमान के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ उन्हें देश की सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा करनी है, वहीं दूसरी ओर लगातार हमलों से निवेश, पर्यटन और सऊदी विजन 2030 जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर असर पड़ने की चिंता भी है। रियाद एयरपोर्ट जैसे अहम ठिकाने पर हमला देश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए भी चुनौती बन गया है।
फिलहाल सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है और हूती विद्रोहियों की ओर से आगे हमले किए जाने की आशंका बनी हुई है। क्राउन प्रिंस की सुरक्षा को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स ने क्षेत्रीय तनाव को और चर्चा में ला दिया है। अब बड़ा सवाल यही है कि सऊदी अरब इन हमलों का जवाब किस तरह देता है और क्या वह अपने अहम ठिकानों को आगे होने वाले हमलों से सुरक्षित रख पाएगा?
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