मुंबई के गोरेगांव ईस्ट से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां 2 साल की मासूम अबीरा शाकिर शेख की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। आरोप है कि उसी बिल्डिंग में रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने बच्ची को खुले डक्ट में धकेल दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने नाबालिग लड़की और उसकी मां को हिरासत में लिया है। अब इस घटना से जुड़े CCTV फुटेज और परिवार के आरोपों की जांच की जा रही है।

यह घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। अबीरा अपने परिवार के साथ नागरिक निवारा परिसर स्थित शिवशाही प्रकल्प की बिल्डिंग नंबर-1 में रहती थी। उसका परिवार करीब 15 दिन पहले ही इस सोसायटी में रहने आया था। घटना वाली रात बच्ची छठी मंजिल पर थी, तभी वह अचानक गायब हो गई। कुछ ही देर बाद उसके परिवार को पता चला कि बच्ची नीचे गिर गई है। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब पुलिस ने बिल्डिंग में लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में एक नाबालिग लड़की बच्ची को उठाकर खुले डक्ट की तरफ ले जाती और उसे नीचे धकेलती दिखाई देती है। इसके बाद लड़की वहां से भागती हुई नजर आती है। हालांकि, घटना के पीछे की असली वजह क्या थी, यह अभी साफ नहीं हुआ है। पुलिस सभी परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है।
मासूम के परिवार ने नाबालिग लड़की की मां पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि घटना के बाद CCTV फुटेज मिटाने की कोशिश की गई, ताकि मामले से जुड़े सबूत सामने न आ सकें। आरोप है कि लड़की की मां सोसायटी के कार्यालय में गई थी और वहां से फुटेज डिलीट करवाई गई। हालांकि, साइबर विशेषज्ञों की मदद से हटाई गई फुटेज को रिकवर किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फुटेज हटाने की कोशिश क्यों की गई और इसमें किसकी भूमिका थी।
इस घटना के बाद सोसायटी के लोगों में भी चिंता और गुस्सा है। जिस बच्ची को अभी दुनिया देखनी थी, उसकी जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई। परिवार अब यह जानना चाहता है कि आखिर उस रात हुआ क्या था और बच्ची के साथ ऐसा क्यों हुआ। पुलिस ने फिलहाल मामले में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की है और घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। नाबालिग होने के कारण आगे की कार्रवाई में बाल कल्याण समिति की भूमिका भी अहम होगी।
फिलहाल इस मामले में कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है—क्या बच्ची को जानबूझकर नीचे धकेला गया, घटना के पीछे कोई विवाद था और क्या सच में CCTV फुटेज मिटाने की कोशिश की गई? पुलिस अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंची है। एक तरफ परिवार अपनी मासूम बेटी को खोने के गम में है, तो दूसरी तरफ जांच एजेंसियां CCTV और दूसरे सबूतों के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं।
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