बिहार में ‘शिंदे मॉडल’ लागू होगा? JDU को हटाकर BJP अकेले बनाएगी सरकार? नीतीश के सबसे करीबी संजय झा ने दिया ‘फाइनल जवाब’

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) गठबंधन के साथी जनता दल यूनाइटेड (JDU) की जरूरत के बिना या उसे दरकिनार करके सरकार बना सकती है? इसी सवाल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे करीबी नेता और JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने बड़ा बयान दिया है, जिसने तमाम राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है।

चूंकि इस चुनाव में BJP ने JDU से ज़्यादा सीटें जीती हैं, इसलिए वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपना दावा ठोक सकती है।विपक्ष लगातार यह कहकर हमला कर रहा था कि बिहार में भी महाराष्ट्र जैसा ‘शिंदे मॉडल’ (यानी गठबंधन तोड़कर किसी अन्य दल के साथ सरकार बनाना) दोहराया जा सकता है, जहाँ नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जा सकता है।

नेतृत्व पर कोई भ्रम नहीं: उन्होंने साफ़ किया कि NDA गठबंधन में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कोई भ्रम (Confusion) नहीं है। BJP के शीर्ष नेतृत्व, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं, ने बार-बार यह दोहराया है कि यह चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया है और वे ही अगले मुख्यमंत्री होंगे।

2020 का उदाहरण: संजय झा ने याद दिलाया कि 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में भी JDU को BJP से कम सीटें (JDU को 43 और BJP को 74) मिली थीं, तब भी नीतीश कुमार ने ख़ुद BJP को मुख्यमंत्री बनाने की पेशकश की थी। लेकिन BJP ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाया।

अखंड गठबंधन: उन्होंने कहा कि NDA एक मज़बूत और अटूट गठबंधन है और सरकार बनने का तो प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नतीजे पार्टी की उम्मीदों के अनुरूप आए हैं और NDA भारी बहुमत से सरकार बनाएगा। उन्होंने विपक्ष पर हार स्वीकार करने से पहले ही निराशा में अनर्गल बयानबाजी करने का आरोप लगाया।

संजय झा के इस बयान ने साफ़ कर दिया है कि सत्ता परिवर्तन या मुख्यमंत्री पद को लेकर गठबंधन के भीतर किसी तरह की खींचतान नहीं है और नीतीश कुमार ही बिहार की कमान संभालेंगे।

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