उत्तर प्रदेश के संभल में कांवड़ यात्रा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तमन्ना मलिक नाम की महिला ने बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने की बात कही। यह ऐलान सामने आते ही मामला चर्चा में आ गया और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की आशंका को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

मामले में एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी दोनों को नोटिस जारी कर तलब किया। साथ ही शांति भंग होने की आशंका के आधार पर दोनों को छह महीने के लिए 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर पाबंद किया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई एहतियात के तौर पर की गई है।
नोटिस मिलने के बाद दंपती अपने वकीलों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपना पक्ष रखा। अमन त्यागी ने कहा कि कांवड़ यात्रा उनकी आस्था का विषय है। उनका कहना है कि उनकी पत्नी बुर्का पहने या साड़ी, यह उनका व्यक्तिगत फैसला है और इसमें किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि तमन्ना ने सनातन धर्म अपना लिया है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी की धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, केवल संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह का तनाव या अप्रिय घटना न हो।
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। एक पक्ष इसे व्यक्तिगत आस्था और पसंद का मामला बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे सार्वजनिक व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है। इसी वजह से यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है।
फिलहाल दंपती और प्रशासन दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे प्रशासन क्या फैसला लेता है और कांवड़ यात्रा के दौरान यह विवाद किस दिशा में बढ़ता है।

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