12 दिन के आंदोलन के आगे झुकी हेमंत सरकार! JPSC छात्रों से बातचीत को तैयार, क्या अब पूरी होंगी बड़ी मांगें?

Written by

in

झारखंड में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। लगातार 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत की संभावना बनी है। सरकार की ओर से छात्र प्रतिनिधियों को वार्ता का न्योता दिया गया है, जबकि छात्र भी बातचीत के लिए सिद्धांततः तैयार हो गए हैं।

छात्रों की मुख्य मांग 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, पूरे मामले की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाने की है। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संकेत दिए हैं कि सरकार जल्द कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और यदि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए मंत्रियों की एक समिति भी बनाई है।

छात्र नेताओं का कहना है कि वे बातचीत से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन उनकी इच्छा है कि वार्ता पारदर्शी तरीके से हो और मीडिया की मौजूदगी में आयोजित की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहे। उनका मानना है कि इससे किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं रहेगी।

इस बीच CID की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। कथित अनियमितताओं के मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच का दायरा बढ़ाया गया है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जबकि छात्र CBI जांच की मांग पर अब भी कायम हैं।

फिलहाल पूरे झारखंड की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी है। यदि वार्ता सफल रहती है तो लंबे समय से चल रहा आंदोलन शांत हो सकता है, लेकिन अगर मांगों पर सहमति नहीं बनती, तो छात्र आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दे चुके हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *