हॉन्गकॉन्ग। साल 1999 में हॉन्गकॉन्ग में एक ऐसी भयानक घटना सामने आई थी, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। यह मामला ‘हैलौ किट्टी डॉल हत्याकांड’ (Hello Kitty Murder Case) के नाम से कुख्यात है, जहाँ एक महिला को इतनी क्रूरता से मारा गया कि हत्यारे ने उसके सिर को काटकर एक खिलौने के अंदर छिपा दिया था।

मृतका की पहचान फैन मैन-यी (Fan Man-yee) (23 वर्ष) के रूप में हुई, जो एक नाइट क्लब में होस्टेस का काम करती थी। हत्या के पीछे मुख्य कारण बदला और पैसा था।मार्च 1999 की शुरुआत में, फैन मैन-यी ने अपने एक नियमित ग्राहक और त्रयी सदस्य (Triad member) चैन मैन-लोक के 4,000 हॉन्गकॉन्ग डॉलर (करीब 500 अमेरिकी डॉलर) चुरा लिए थे। हालांकि उसने तुरंत पैसे वापस कर दिए, लेकिन चैन मैन-लोक ने जुर्माने के तौर पर उससे अतिरिक्त 10,000 डॉलर की मांग की।
17 मार्च 1999 को, फैन मैन-यी को चैन मैन-लोक और उसके दो साथियों (लेउंग वाई-लुन और लेउंग शिंग-चो) ने एक 14 वर्षीय लड़की (आ फोंग) की मदद से अगवा कर लिया। वे उसे सिम शा सुई (Tsim Sha Tsui) स्थित एक अपार्टमेंट में ले गए और लगभग एक महीने तक बंधक बनाकर रखा।
अपार्टमेंट में फैन मैन-यी को लगातार क्रूर यातनाएँ दी गईं।उसे घरेलू वस्तुओं से पीटा गया और एक पंचिंग बैग की तरह इस्तेमाल किया गया।उसके पैरों को गर्म मोम और प्लास्टिक से जलाया गया, जिससे वह चलने-फिरने लायक नहीं रही।उसे मल और मूत्र पीने के लिए मजबूर किया गया।उसे लगातार 50 से अधिक बार सिर पर लातें मारी गईं।
अंततः, 14 या 15 अप्रैल 1999 को अमानवीय आघात (traumatic shock) के कारण फैन मैन-यी की मौत हो गई।
हत्या के बाद, अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए जो किया, वह कल्पना से परे था। उन्होंने फैन मैन-यी के शव के टुकड़े-टुकड़े किए और उन टुकड़ों को उबालकर (boiling) नष्ट करने की कोशिश की।सबसे भयानक बात यह थी कि उन्होंने मृतका की खोपड़ी को एक बड़ी हैलौ किट्टी मरमेड गुड़िया (Hello Kitty mermaid plush) के अंदर सिल दिया। इसी कारण इस मामले को ‘हैलौ किट्टी डॉल हत्याकांड’ नाम दिया गया। पुलिस को मौके से केवल खोपड़ी, एक दाँत और कुछ आंतरिक अंग ही बरामद हुए थे।
इस भयानक हत्याकांड का खुलासा एक 14 वर्षीय लड़की (आ फोंग) की वजह से हुआ, जो इस अपराध में शामिल थी।हत्या के बाद, लड़की हॉन्गकॉन्ग के एक सुधार गृह में थी। वहाँ उसे रोज़ रात को मृतका फैन मैन-यी के सिर कटे भूत के भयानक सपने आते थे। मानसिक रूप से टूट जाने के बाद, मई 1999 में लड़की पुलिस स्टेशन पहुँची और पूरी घटना कबूल कर ली।आरोपी चैन मैन-लोक और उसके दोनों साथियों को दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई।