उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। यहाँ एक महिला और उसके साथियों द्वारा चलाए जा रहे एक अंतर्राज्यीय हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यह गैंग पहले लोगों को फँसाता था, फिर अश्लील वीडियो बनाकर उनसे लाखों-करोड़ों की वसूली करता था।

🍯 हनीट्रैप का खौफनाक जालपुलिस के अनुसार, यह गिरोह एक सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। इस रैकेट की मुख्य सदस्य महिला (जिसका नाम सामने नहीं आया) अपने साथियों के साथ मिलकर पुरुषों को निशाना बनाती थी:
पहला संपर्क: महिला अनजान नंबरों से पुरुषों को फोन करके दोस्ती करती थी।
जाल में फँसाना: इसके बाद उन्हें आगरा के कमला नगर या अन्य सुनसान इलाकों में मिलने के लिए बुलाती थी।
वीडियो बनाना: मुलाकात के दौरान वह कथित तौर पर पुरुषों के ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर देती थी और फिर आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी।
ब्लैकमेलिंग: वीडियो रिकॉर्ड होने के बाद, गिरोह के पुरुष सदस्य (रियाज और प्रदीप जैसे नाम शामिल) खुद को पुलिस या अन्य प्रभावशाली शख्स बताकर पीड़ितों को यौन उत्पीड़न के झूठे केस में फँसाने की धमकी देते थे और भारी-भरकम रकम वसूलते थे।
शिकायतकर्ता पीड़ितों ने बताया कि इस गैंग ने उनसे कई लाख रुपये ऐंठे थे। एक पीड़ित से कथित तौर पर 4 लाख और दूसरे से 12 लाख रुपये तक की वसूली की गई थी।मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने हिम्मत कर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रैकेट की मुख्य महिला सदस्य और एक अन्य आरोपी (गणेश सिंह) को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से ऐसे कई आपत्तिजनक वीडियो क्लिप वाली पेन ड्राइव और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनसे कई अन्य पीड़ितों का खुलासा होने की आशंका है।
पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद, महिला ने चौंकाने वाला दावा किया। उसने पुलिस को बताया कि वह खुद इस गैंग का शिकार थी और उसे अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर यह सब करने के लिए मजबूर किया गया था। उसने यह भी कहा कि वह ऑनलाइन गेमिंग में हुए कर्ज को चुकाने के लिए इस दलदल में फँसी थी।हालांकि, पुलिस ने महिला के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वह रैकेट की सक्रिय सदस्य थी। पुलिस अब गैंग के मुख्य सरगना रियाज और प्रदीप सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।