राजकोट (गुजरात) की रहने वाली परवेज़ शेख की पत्नी रेहाना पिछले तीन साल से पाकिस्तान के कराची में फंसी हुई हैं, और भारत में उनके पति और दो छोटे बच्चे हैं। पिछले कई महीनों से रिहाना वीज़ा अड़चनों के कारण भारत नहीं आ पाई हैं।

परवेज़ शेख बताते हैं कि उनकी शादी 2015 में रिहाना से हुई थी। रिहाना मूल रूप से कराची की निवासी हैं और शादी के बाद वे वीज़ा प्रक्रिया पूरी कर भारत में अपने पति के साथ रहने लगी थीं। वहीं जिन सालों में उनका वीज़ा नियमित रूप से बढ़ता रहा, उसी दौरान उनके दो बच्चे भी हुए।
2022 में रेहाना का वीज़ा समाप्त होने के बाद अधिकारियों के सुझाव पर वे पत्नी और बच्चों के साथ कराची गईं ताकि वीज़ा रिन्यू किया जा सके। परन्तु दोनों देशों के बढ़ते तनाव और वीज़ा प्रक्रिया में अड़चनों के कारण यह प्रक्रिया अटक गई। परवेज़ और बच्चे मार्च 2023 के करीब भारत लौट आए, पर रिहाना का वीज़ा नहीं रिन्यू हो पाया और वह वहीं फँस गईं।
रेहाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी गुहार लगाई है कि उन्हें पाकिस्तानी नागरिक के बजाय एक माँ के रूप में देखा जाए और मानवीय आधार पर भारत आने की अनुमति दी जाए ताकि वे अपने पति और बच्चों के साथ रह सकें। उनके पति और परिवार दोनों सरकारों से मदद की अपील कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
परवेज़ का कहना है कि तीन साल से बच्चे अपनी माँ को सिर्फ वीडियो कॉल पर ही देखते हैं और इस दूरियों का असर बच्चों और पूरे परिवार पर गहरा है। वे अपने पत्नी के साथ फिर से एक परिवार के रूप में भारत में साथ रहने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।