मध्य प्रदेश के बालाघाट जिला अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर रिश्वत न मिलने पर एक डॉक्टर ने गर्भवती महिला का ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप गर्भ में ही नवजात शिशु की मौत हो गई।

यह दिल दहला देने वाली घटना बालाघाट जिला चिकित्सालय की है। बैजेंद्र डोंगरे की पत्नी किरण मंगलवार सुबह करीब 11 बजे डिलीवरी के लिए अस्पताल लाई गईं। चिकित्सकों ने महिला का सीजर ऑपरेशन (C-section) करने की बात कही। परिजनों का गंभीर आरोप है कि महिला चिकित्सक डॉ. गीता बारमाटे ने सीजर ऑपरेशन के लिए कथित रूप से ₹5000 (मूल खबर के संदर्भ में ₹7000 तक की मांग) की मांग की।
परिजनों ने इतनी बड़ी राशि रिश्वत के तौर पर देने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पैसे न मिलने से नाराज महिला चिकित्सक ने प्रसूता का ऑपरेशन ही नहीं किया और इस घोर लापरवाही के चलते शाम करीब 5 बजे प्रसूता के पेट में ही नवजात शिशु की मौत हो गई।
नवजात की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। विवाद इतना बढ़ गया कि आस-पास के लोग भी जमा हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. नीलय जैन को मोर्चा संभालना पड़ा। डॉ. जैन ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी महिला चिकित्सक दोषी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना जिला अस्पताल में फैले “मेडिकल माफिया” और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है, जहां पहले भी महिला चिकित्सकों पर डिलीवरी के लिए पैसे मांगने के आरोप लग चुके हैं। इस ताज़ा घटना ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और वे डॉक्टर बारमाटे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।