दिल्ली में प्रदर्शन करने पहुंचे, लेकिन जंतर-मंतर पर नहीं मिली एंट्री! रामलीला मैदान भी खाली, आखिर INDIA गठबंधन के मार्च का क्या हुआ?

दिल्ली में चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के SIR मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे विपक्षी नेताओं को लेकर सोमवार को सियासी हलचल तेज रही। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना थी, लेकिन वहां प्रदर्शनकारियों के लिए मंच नजर नहीं आया। दूसरी तरफ रामलीला मैदान में भी कोई प्रदर्शनकारी नहीं दिखा। ऐसे में सवाल उठने लगा कि आखिर प्रदर्शन की तैयारी कहां गई और विपक्ष का अगला कदम क्या होगा?

दरअसल, विपक्षी दल मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के नेताओं ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में मार्च और प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी।

लेकिन जंतर-मंतर पर जिस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी, वैसा नजारा नहीं दिखा। वहां मंच और प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी नहीं होने से पूरे कार्यक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। रामलीला मैदान में भी सन्नाटा नजर आया। हालांकि, केवल मैदान खाली होने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि विरोध की योजना पूरी तरह रद्द कर दी गई थी।

इस घटनाक्रम के बीच विपक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में SIR से जुड़े मुद्दे उठाने की कोशिश भी की गई। राहुल गांधी और अन्य नेताओं की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर कानूनी रास्ता अपनाने की बात सामने आई है। लेकिन अदालत में याचिका दायर करने और किसी विरोध प्रदर्शन के आयोजन की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। इसलिए दोनों घटनाओं को एक ही फैसले का नतीजा मानना सही नहीं होगा।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि विपक्ष आगे किस जगह और किस तरीके से अपनी आवाज उठाएगा। क्या प्रदर्शन की रणनीति बदली गई, क्या कार्यक्रम को लेकर कोई नया फैसला हुआ या फिर प्रशासनिक अनुमति से जुड़ा कोई पेंच था—इन सवालों के जवाब संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी से ही साफ हो सकेंगे।

फिलहाल दिल्ली के दो प्रमुख प्रदर्शन स्थलों पर अपेक्षित भीड़ नहीं दिखने से राजनीतिक चर्चा जरूर शुरू हो गई है। SIR को लेकर विपक्ष के आरोप अपनी जगह हैं, लेकिन प्रदर्शन की अगली रणनीति पर अभी स्पष्टता जरूरी है। अब देखना होगा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे को सड़क पर आगे बढ़ाता है या अदालत के जरिए अपनी लड़ाई तेज करता है।

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