भारत ने इंग्लैंड-अमेरिका को पछाड़ा! ऑफिस रोमांस में दुनिया में दूसरे नंबर पर ‘हम’, आखिर दफ्तर क्यों बन रहा ‘एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर’ का अड्डा?

रिलेशनशिप/लाइफस्टाइल: प्यार की कहानियां अब सिर्फ घरों और डेटिंग ऐप्स तक ही सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि मीटिंग रूम और कॉफी मशीन के आस-पास भी खूब फल-फूल रही हैं! एक हालिया अंतर्राष्ट्रीय सर्वे (Global Survey) में खुलासा हुआ है कि ऑफिस रोमांस के मामलों में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। इस चौंकाने वाले आंकड़े ने ब्रिटेन (UK) और अमेरिका (USA) जैसे विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।

टॉप पर मैक्सिको: एशले मैडिसन और YouGov द्वारा किए गए इस ग्लोबल सर्वे के अनुसार, मैक्सिको (43%) पहले नंबर पर है, जबकि भारत (40%) ऑफिस रोमांस के मामलों में दूसरे स्थान पर रहा।

यह आंकड़ा अमेरिका, यूके और कनाडा जैसे देशों से काफी अधिक है, जहां लगभग 30% लोगों ने ही सहकर्मी के साथ रिश्ते में होने की बात स्वीकार की।

पुरुष हैं आगे: सर्वे में यह भी सामने आया कि पुरुषों के किसी सहकर्मी को डेट करने की संभावना महिलाओं की तुलना में अधिक है। करीब 51% पुरुषों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने कभी किसी कलीग को डेट किया है।

रिपोर्ट और विशेषज्ञों के अनुसार, कामकाजी जिंदगी (Professional Life) और अवैध संबंधों (Extramarital Affairs) के बीच बढ़ती नज़दीकियों के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:

लंबे समय तक साथ काम: मेट्रो शहरों में, लोग अपना अधिकतर समय (9-12 घंटे) ऑफिस में ही बिताते हैं। रोज इतने लंबे समय तक किसी के साथ काम करने, हंसने, और समस्याओं पर चर्चा करने से अनजाने में ही भावनात्मक नजदीकियां बढ़ने लगती हैं।

टेक्नोलॉजी का साथ: काम से शुरू हुई चैट धीरे-धीरे पर्सनल बातचीत में बदल जाती है। आज की टेक्नोलॉजी—जैसे कि मैसेजिंग ऐप्स—इन रिश्तों को छिपकर आगे बढ़ाना आसान बना देती है।

घरेलू जीवन का तनाव: शहरों की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, घर के लिए कम समय, EMI का तनाव और जिम्मेदारियां अक्सर पति-पत्नी के रिश्तों में दूरी ला देती हैं।

भावनात्मक सहारा: ऐसे में, जब किसी को ऑफिस में भावनात्मक सहारा (Emotional Support) मिलता है, तो यह कनेक्शन आसानी से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में बदल जाता है, जो सिर्फ सिंगल लोगों तक सीमित न रहकर शादीशुदा लोगों को भी अपने जाल में फंसाता है।

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